पीलीभीत में उफनाई देवहा नदी की बाढ़ ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं। शुक्रवार को पानी के तेज बहाव से कई खंभे गिर गए, जिससे जहानाबाद समेत 100 गांवों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। पांच घंटे बाद दूसरी लाइन से बिजली आपूर्ति शुरू हुई।
पीलीभीत में जलस्तर बढ़ने से उफनाई देवहा नदी के तेज बहाव से 33 केवीए बिजली लाइन के कई खंभे गिर गए। इससे जहानाबाद कस्बे समेत इस लाइन से जुड़े करीब 100 गांवों की बिजली गुल हो गई। करीब पांच घंटे बाद दूसरी लाइन से जोड़कर आपूर्ति बहाल की गई। उधर, देवहा नदी के किनारे बसे नावकूड़ गांव के खेतों में बाढ़ का पानी भर गया। शहर के ब्रह्मचारी घाट पर कटान हो रहा है। राहत की बात यह है कि शुक्रवार रात जलस्तर कम होकर 22 हजार क्यूसेक रह गया।
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पहाड़ों पर लगातार हुई बारिश के बाद देवहा नदी में 51 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद शुक्रवार को देवहा नदी उफना गई। इससे शहर और उसके सटे निचले इलाकों के लोगों में बाढ़ के खतरे से दहशत फैल गई। बाढ़ का पानी नावकूड़ गांव के खेतों और सड़क तक पहुंच गया। इसके साथ ही नदी ने शहर के ब्रह्मचारी घाट पर कटान कर लोगों की चिंता बढ़ा दी। सिंचाई विभाग की ओर से बचाव कार्य शुरू कराए।
शुक्रवार को बाढ़ के पानी के तेज बहाव से 33 केवीए बिजली लाइन के कई खंभे गिर गए। तार भी टूट गए, जिससे जहानाबाद कस्बे और करीब 100 गांवों की बिजली गुल हो गई। उपभोक्ताओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। करीब पांच घंटे तक आपूर्ति नहीं मिली। बाद में सरदार नगर से लाइन जोड़कर बिजली आपूर्ति चालू कराई गई, तब जाकर उपभोक्ताओं को राहत मिली है।