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सीटें कम, विद्यार्थी ज्यादा, इस बार भी Òइम्तिहानÓ लेगी प्रवेश प्रक्रिया

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पीलीभीत का रामलुभाई साहनी राजकीय महिला महाविद्यालय। संवाद - फोटो : PILIBHIT
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पीलीभीत। इंटरमीडिएट पास करने के बाद विद्यार्थियों के सामने अब बड़ी चुनौती उच्च शिक्षा के लिए डिग्री कॉलेजों में प्रवेश लेने की है। अधिकतर छात्र कम फीस होने के कारण स्नातक की पढ़ाई के लिए राजकीय और अनुदानित कॉलेजों का रुख करते हैं, लेकिन सभी को प्रवेश का मौका नहीं मिल पाता। इस बार भी जिले कॉलेजों में एडमिशन प्रक्रिया विद्यार्थियों का इम्तिहान लेगी, क्योंकि जिले में सिर्फ पांच राजकीय और अनुदानित कॉलेज हैं। अगर इंटरमीडिएट पास विद्यार्थियों के आंकड़ा देखें तो एक-एक सीट पर चार-चार दावेदार हैं।
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जिले में तीन राजकीय कॉलेज हैं। इसमें राम लुभाई साहनी राजकीय महिला महाविद्यालय, राजकीय कॉलेज बीसलपुर, राजकीय कॉलेज हेमपुर बिलसंडा। राम लुभाई में बीए नहीं है। बीकॉम और बीए में कुल 180 सीटें हैं। इसके अलावा बीसलपुर में बीए की 560 और बीएससी बायो और गणित में कुल 160 सीटें हैं। हेमपुर बिलसंडा में बीए की 420, बीकॉम की 120 और बीएससी बायो और गणित की 120 सीटें हैं। दो अनुदानित कॉलेज हैं। इसमें उपाधि कॉलेज और पूरनपुर गन्ना कृषक महाविद्यालय है। इन दोनों कॉलेजों में कुल स्नातक की 1980 सीटें हैं। इंटरमीडिएट के बाद सभी छात्रों को इंजीनियरिंग या मेडिकल में प्रवेश नहीं मिल पाता। तमाम छात्र स्नातक की पढ़ाई करते हैं। अगर कुल पास छात्रों का 70 फीसदी हिस्सा भी माने लें तब भी संख्या दस हजार के ऊपर बैठती है। यानी स्नातक प्रवेश के लिए इस बार भी मारामारी रहेगी।
प्राइवेट कॉलेजों का करना पड़ता रुख
जिले में कुल डिग्री कॉलेजों की संख्या 34 है। इसमें आयुर्वेदिक और एक लॉ कॉलेज भी शामिल है। राजकीय और अनुदानित कॉलेजों के साथ इनको निकाल दिया जाए तो स्नातक की पढ़ाई के लिए प्राइवेट कॉलेज 27 हैं। यहां सीटों की संख्या पर्याप्त है। फीस अधिक होने की वजह से हर बार कॉलेजों की काफी सीटें खाली रह जाती हैं। राजकीय और अनुदानित कॉलेेजों में प्रवेश न मिल पाने पर ही विद्यार्थी प्राइवेट कॉलेजों का रुख करते हैं।
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जिले के ज्यादातर छात्र बरेली कॉलेज का करते हैं रुख
बीए, बीएससी और बीकॉम की पढ़ाई के लिए ज्यादातर विद्यार्थी बरेली कॉलेज बरेली का रुख करते हैं। इस वजह से कॉलेज की मेरिट काफी ऊपर रहती है। हालांकि तमाम छात्र जिले के कॉलेजों में भी आवेदन करते हैं, ताकि बरेली कॉलेज में प्रवेेश न मिल पाए तो एक विकल्प उनके पास रहे। जिले की छात्राएं राम लुभाई साहनी कॉलेज का रुख करती हैं। यहां दोनों कोर्स सरकारी हैं। हालांकि पिछले साल बीएससी की कुछ सीटें खाली रह गईं थी। उपाधि कॉलेज में बीए में प्रवेश को लेकर मारामारी रहती है।
पांच प्रमुख कॉलेज और स्नातक की सीटें
उपाधि कॉलेज में स्नातक की सीटें: बीए में 640, बीकॉम में 160, बीएससी में 320
नोट: बीएससी स्ववित्त पोषित योजना के तहत संचालित है। इसमें बीएससी बायो की 160 और बीएससी गणित की160 सीटें है।
राम लुभाई साहनी राजकीय महिला महाविद्यालय
स्नातक में सीटें: बीकॉम में 60 और बीएससी में 120 (जेडबीसी में 60 और गणित में 60)
राजकीय महाविद्यालय, बीसलपुर
स्नातक में सीटें: बीएससी में 160 (जेडबीसी में 80 और गणित में 80) और बीए में 560
राजकीय कॉलेज, हेमपुर बिलसंडा
स्नातक में सीटें: बीए में 420, बीकॉम में 120, बीएससी में 120 (जेडबीसी में 60 और गणित में 60)
गन्ना कृषक महाविद्यालय, पूरनपुर
स्नातक की सीटें: बीए में 800 और बीकॉम में 60
ज्यादातर कॉलेजों में बीए के विषय
उपाधि कॉलेज में बीए में विद्यार्थी हिंदी भाषा/सामान्य हिंदी दोनेें में किसी एक का चयन कर सकता है। सामान्य अंग्रेजी का चयन अनिवार्य है। इसके अलावा वैकल्पिक विषयों के रूप में सामान्य हिंदी, अंग्रेजी साहित्य, अर्थशास्त्र, समाजशास्त्र, राजनीति विज्ञान, शिक्षाशास्त्र का चयन कर सकते हैं। संस्कृत साहित्य केवल तीन विषय चयन करने होंगे। बीएससी में बायो और गणित विषय हैं। उपाधि की तरह बाकी कॉलेजों में भी बीए में हिंदी, हिंदी साहित्य, अंग्रेजी, अर्थशास्त्र, शिक्षाशास्त्र, गृहविज्ञान, राजनीति विज्ञान आदि विषय हैं।
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