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खेत की रखवाली को गए किसान ने गोली मारकर की आत्महत्या
कर्ज से परेशान होकर आत्महत्या करने की गांव में है चर्चा
संवाद न्यूज एजेंसी
बीसलपुर। गन्ना की रखवाली करने गए किसान ने खेत पर तमंचे से खुद को गोली मारकर अपना जीवन समाप्त कर लिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। कर्ज से परेशान होकर आत्महत्या की बात गांव में चर्चा में है।
बीसलपुर कोतवाली क्षेत्र के गांव शहबाजपुर निवासी ओमकार गंगवार ने बताया कि उनका छोटा भाई 32 वर्षीय ओमप्रकाश गंगवार रोज की तरह शुक्रवार की शाम आवारा पशुओं से गन्ने की रखवाली करने खेत पर गया था। रात में ओमप्रकाश ने किसी समय तमंचे से अपने सीने में गोली मारकर आत्महत्या कर ली। सुबह ओमप्रकाश जब काफी देर तक घर नहीं आया, तभी घर वालों ने खेत पर जाकर देखा। वहां ओमप्रकाश का रक्त रंजित शव पड़ा था। इससे मौके पर काफी भीड़ जमा हो गई।
सूचना मिलते ही कोतवाल नरेश त्यागी पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने मौके से 315 बोर का वह तमंचा भी बरामद कर लिया, जिससे ओमप्रकाश ने खुद को गोली मारी थी। पुलिस ने कारतूस का एक खोखा भी बरामद किया है। फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट टीम ने मौके पर पहुंचकर निशान लिए। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भेज दिया है। ओमप्रकाश की मौत से उसके घर में कोहराम मच गया। मृतक के भाई ओमकार, पत्नी ममता, पुत्र दिव्यांशु, प्रियांशु, पुत्री मान्या का रोते-रोते बुरा हाल है। कोतवाल नरेश त्यागी ने बताया कि जांच के दौरान पता चला कि ओमप्रकाश एक पुत्र से काफी परेशान रहता था। बार-बार समझाने पर भी पुत्र उसकी बात नहीं मान रहा था। इसी मुद्दे को लेकर ओमप्रकाश ने शनिवार शाम अपने पुत्र की पिटाई लगा दी थी, जिसका ओमप्रकाश की पत्नी ममता ने विरोध किया था। इस बात को लेकर ओमप्रकाश और उसकी पत्नी में काफी नोकझोंक भी हुई थी। इस बात से नाराज होकर ओमप्रकाश खेत पर चला गया था। गुस्से में ओमप्रकाश ने रात में किसी समय गोली मारकर आत्महत्या कर ली।
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शस्त्र अधिनियम के तहत मृतक पर रिपोर्ट दर्ज
कोतवाल ने बताया कि जांच पड़ताल में स्पष्ट हुआ है कि जिस तमंचे से ओमप्रकाश ने गोली मारी है, वह तमंचा ओमप्रकाश का ही था। इस वजह से मृतक के विरुद्ध शस्त्र अधिनियम के तहत रिपोर्ट भी दर्ज कर ली गई है। हालांकि आरोपी की मौत हो गई है, इसलिए सारी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद रिपोर्ट निरस्त कर दी जाएगी।
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भतीजे ने कहा- चाची ने दी है कर्ज से परेशान होने की जानकारी
मृतक के भाई ओमकार ने बताया कि उनके भाई ओमप्रकाश पर किसी साहूकार कर कर्ज नहीं था। बड़ौदा पश्चिमी उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक बरसिया का 90 हजार रुपया कर्जा है। जिसकी कोई किस्त बकाया नहीं है। बैंकवालों ने उन पर कर्जा जमा करने का कोई दबाव बनाया है। फसली ऋण योजना के तहत इसी बैंक से कर्जा लेते थे और समय पर अदा कर देते थे। जबकि चाची ममता से फोन पर वार्ता करने के बाद पोस्टमार्टम हाउस में ओमप्रकाश के भतीजे अवनीश कुमार ने कर्ज की बात कही है। भतीजे ने बताया कि चाची के अनुसार बैंक के अलावा कुछ कर्ज पांच फीसदी ब्याज पर था। कितना कर्ज था? क्यों लिया था? कब लिया था। किससे लिया था? इस सबके बारे में वह कुछ नहीं बता सका।
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वर्जन
किसान ने गोली मारकर आत्महत्या कर ली है। मौके पर तमंचा भी मिला है। परिवार की तहरीर के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। मामले की जांच की जा रही है। - दिनेश कुमार पी, एसपी