पीलीभीत। नबी मोहम्मद की यौमे पैदायश (जन्मदिन) जनपद भर में अदब ओ एहतराम के साथ मनाई गई। कोरोना संक्रमण के चलते इस बार जुलूस ए मोहम्मदी नहीं निकाला गया। महफिले मीलाद पाक और फातेहाख्वानी के साथ जगह-जगह लंगर हुए। सड़कों और घरों को रंगबिरंगी रोशनी से सजाया गया। घरों में फातेहा दिलाई गई।
शहर के हशमतनगर स्थित आस्तान ए हशमतिया मुशाहिया में शुक्रवार को हुए कार्यक्रम में सीमित संख्या में अकीदतमंदों ने शिरकत की। दरगाह के सज्जादानशीन मौलाना जरताब रजा खा ने अल्लाह के प्यारे नबी की जिंदगी पर रोशनी डाली और लोगों ने उनके बताए मार्ग पर चलने की ताकीद की। इस दौरार लंगर भी चला। इस दौरान सामाजिक दूरी का भी खासा ध्यान रखा गया।
पूरनपुर। ईद मिलादुन्नबी परंपरागत मनाया गया। घरों और प्रतिष्ठानों में लोगों ने सजावट की। घर-घर नातो मनकवते पढ़ी गईं। शाम को घरों, प्रतिष्ठानों में मोमबत्ती जलाई। पैगामे अमन कौंसिल के सदर और नगरपालिका सदस्य तौफीक अहमद कादरी ने पर्व पर प्रकाश डाला। अयाज मोहम्मद, इरफान अहमद, अली अहमद साबरी, सईद अहमद, अशफाक आदि मौजूद रहे।
बीसलपुर। ईद मिलादुन्नबी पर घरों, प्रतिष्ठानों और सड़कों को रंग बिरंगी रोशनी से सजाया गया। कोरोना काल के चलते इस बार जुलूस ए मोहम्मदी नहीं निकाला गया। आयोजन समिति के अलाउद्दीन मंसूरी ने बताया कि प्रशासन ने जुलूस में केवल 50 लोगों के शामिल होने की अनुमति दी थी, इसलिए जुलूस निरस्त कर दिया गया। इधर पुरानी संब्जी मंडी में तीन दिवसीय जलसा शुरू हुआ। जलसे में पहले दिन मौलाना आसिव मिसवाही, मौलाना शाहिद रजा नूरी, काजी लुकमान, हाजी फईम, हाफिज राशिद और हाफिज जाबिर खां आदि उलेमा ने पर्व के बारे में रोशनी डाली। सदारत मौलाना शाहिद रजा ने और संचालन हाफिज फईम ने किया। इसके अलावा दियोरिया, रसायाखानपुर, मीरपुर वाहनपुर, चुर्रासकतपुर, महादेवा, रढैता, चंद्रपुरा आदि क्षेत्रों में पर्व मनाया गया।
माधोटांडा। जश्र ए ईद मिलादुन्नबी पर कोरोना काल के चलते जुलूस नहीं निकाला गया। कस्बे की तीन मस्जिदों और कब्रिस्तान में रोशनी की गइ्र। चंद लोगों की मौजूदगी में नात ए मनकबत पढ़कर फातिहा दिलाई गई। इस मौके पर मौलाना अब्दुल रशीद, मौलाना अवसार, हाजी मुज्जफर आदि मौजूद रहे।