पीलीभीत। एक माह पहले लेखाधिकारी के कार्यालय में घुसकर गाली-गलौज करते हुए सरकारी कार्य में बाधा डालने के मामले में लेखाधिकारी ने आठ शिक्षक नेताओं समेत कई अज्ञात पर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मामला जब शासन तक पहुंचा तो जांच के निर्देश दिए गए। बीएसए ने जांच पूरी करने के बाद आठ शिक्षक नेताओं की एक वर्ष की वेतनवृद्धि पर रोक लगा दी है।
69 हजार भर्ती के तहत नियुक्त किए गए शिक्षकों के वेतन को लेकर सात जुलाई को प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष दयाशंकर के नेतृत्व में बीएसए कार्यालय में घुसकर हंगामा किया था। इस मामले में लेखाधिकारी अंजू सिंह ने आरोप लगाया था कि शिक्षक नेताओं ने कार्यालय में हंगामा करते हुए तोड़फोड़ और अभद्रता की। इस मामले में लेखाधिकारी की तहरीर पर 45 शिक्षकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज भी की गई थी। इस मामले में शासन ने बीएसए चंद्रकेश को जांच कराकर विभागीय कार्रवाई करने की संस्तुति दी थी। बीएसए चंद्रकेश ने बताया कि जांच में शिक्षक नेताओं के द्वारा किया गया कार्य अशोभनीय था। इसलिए प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष दयाशंकर, उमेश चंद्र, प्रफुल्ल दीक्षित, संतोष गंगवार, सतेंद्र गंगवार, जितेंद्र कुमार, रामऔतार और मियां मोहम्मद मानजिर के खिलाफ एक साल तक वेतनवृद्धि रोक लगाते हुए रिपोर्ट शासन को भेज दी है।