पीलीभीत। धान की खरीद आज से शुरू हो गई है। मगर किसानों को सुविधा मुहैया कराने के नाम पर कोई व्यवस्था नहीं की गई है। धान क्रय केंद्रों पर सिर्फ बैनर टांगकर अफसरों ने अपनी जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ लिया है। जबकि केंद्रों पर किसानों के लिए बैठने, पेयजल और साफ-सफाई की व्यवस्था नाकाफी है। ये हाल तब है, जब डीएम ने एक दिन पहले निरीक्षण कर क्रय केंद्रों पर तत्काल व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए थे।
जनपद में शुक्रवार से धान खरीद शुरू हो रही है। इसके लिए जिले में 83 क्रय केंद्र बनाए गए है। पारदर्शिता के लिहाज से मंडी गेट पर कैमरों की निगरानी रहेगी। मंडी के छह टिनशेड में 22 क्रय केंद्र बनाए गए। एक अक्तूबर को खरीद शुरू हो रही है, मगर इसके बाद भी 30 सितंबर यानी बृहस्पतिवार तक क्रय केंद्रों पर तैयारियां पूरी नहीं हो पाईं थी। सिर्फ बैनर लगाकर इतिश्री कर ली गई। किसानों के बैठने, पेयजल आदि की भी कोई व्यवस्था नहीं दिखाई दी। इससे पहले दिन धान लाने वाले किसानों को दिक्कत होना लाजिमी है। धान खरीद के जिम्मेदार प्रभारी डिप्टी आरएमओ भी बेफिक्र दिखाई दिए। धान खरीद को लेकर कितने लापरवाह है। इसका खुलासा डिप्टी आरएमओ का सीयूजी नंबर कर रहा है। पिछले कई दिनों से शासन की ओर से उपलब्ध सीयूजी नंबर बंद जा रहा है। किसी किसान को समस्या के समाधान को लेकर बात करनी हो, तो कैसे होगी। जबकि शासन ने किसानों की फसल खरीद को लेकर सख्त निर्देश दिए है। डीएम ने भी निरीक्षण कर बुधवार को व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इसके बाद भी जिम्मेदार लापरवाह बने हुए है।
डीएम की सख्ती भी दिखी बेअसर
बुधवार को मंडी में निरीक्षण के दौरान आवारा पशु परिसर में दिखाई देने पर डीएम ने मंडी सचिव की फटकार लगाई थी। सचिव ने बताया कि कई जगह मंडी समिति की दीवार टूटी होने के कारण आवारा पशु घुस आते है। मरम्मत को लेकर प्रस्ताव भेजा गया है। इस पर डीएम ने सख्ती दिखाते हुए कहा कि किसी भी तरह से तत्काल दीवार को दुरुस्त कराकर रिपोर्ट दो। इसके बाद भी दीवार को लेकर सचिव की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
पानी की टंकी के पास गंदगी की भरमार
वैसे तो मंडी की कई टंकी जर्जर हालात में है। मगर मंडी सचिव के कार्यालय के ठीक सामने लंबे समय से टंकी के पास गंदगी की भरमार है। किसानों के इसी टंकी से मजबूरन पानी पीना पड़ता है। अधिकारी भी मंडी का निरीक्षण करने के दौरान इधर ध्यान नहीं देते। पास में ही पानी की अस्थाई टंकी बनाई गई। जिसमें पानी और टोटी दोनों गायब है। ऐसे में मंडी में किसानों के लिए कितनी सुविधाएं है। इसको अनुमान आसानी से लगाया जा सकता है।
मंडी के तीनों गेट पर कैमरे लगे हुए है। छह टिनशेड में 22 क्रय केंद्र स्थापित होने है। इसको लेकर मंडी की ओर से सभी व्यवस्थाएं करा दी गई है। टूटी दीवार को लेकर प्रस्ताव भेजा गया है। निर्माण विभाग से भी दीवार की मरम्मत को कहा गया है। - अशोक कुमार, मंडी सचिव