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Pilibhit News: शारदा नदी में डोजिंग चेनेलाइजेशन के शीघ्र शुरू होने की उम्मीद

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शारदा नदी किनारे चेनेलाइजेशन को सर्वे करती टीम । स्रोत - ग्रामीण
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लखनऊ, कानपुर के अफसरों के साथ पहुंची तकनीकी टीम, ड्रोन से कराया सर्वे
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संवाद न्यूज एजेंसी
पूरनपुर। शारदा नदी मेंं डोजिंग चेनेलाइजेशन की स्वीकृति के बाद बुधवार को लखनऊ और कानपुर के अफसरों के साथ तकनीकी टीम ने शारदा नदी के किनारे ड्रोन से सर्वे कराया। अफसरों ने 10-11 दिन में डोजिंग चेनेलाइजेशन के लिए मशीनें आने की बात कही।

गांव चंदिया हजारा के समीप डोजिंग चेनेलाइजेशन को करीब चार वर्ष पहले स्वीकृति मिली थी। बजट मिलने पर चेनेलाइेशन को मशीनें भी शारदा तट पर आ गईं थीं। चेनेलाइजेशन शुरू होने से पहले ही वन विभाग ने बिना एनओसी काम होने पर आपत्ति जता दी।
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इसके बाद मशीनें वापस चली गईं थीं। तब से गांव चंदिया हजारा, राहुलनगर, कॉलोनी नंबर छह के लोग चेनेलाइजेशन की मांग कर रहे हैं। शारद नदी की बाढ़ ने इस बार गांव चंदिया हजारा, राहुलनगर, कॉलोनी नंबर-छह में जमकर तबाही मचाई थी।
52 किसानों की 200 एकड़ जमीन पर लहलहा रही फसलें नदी में समा गईं थीं। कई दिन तक आबादी में पानी भरा रहा। चेनेलाइजेशन कराने, बाढ़ से नुकसान का मुआवजा दिलाने, कटान से बचाने के लिए जियो बैग लगाकर ठोकर बनवाने आदि की मांग को लेकर गांव चंदिया हजारा में 105 दिन तक बेमियादी क्रमिक भूख हड़ताल चली।
बाद में राष्ट्रीय वन्य जीव बोर्ड की स्थायी समिति की बैठक में चेनेलाइजेशन का प्रस्ताव पास होने और जियो बैग लगाने की स्वीकृति मिल गई। जियो बैग लगाने के लिए बाढ़ खंड के अफसरों ने कुछ दिन पहले गांव के समीप सर्वे किया था।
बुधवार को डोजिंग चेनेलाइजेशन के लिए लखनऊ से मुख्य अभियंता (कार्यशाला) रूपेंद्र सिंह, कानपुर स्थापना खंड के अधिशासी अभियंता आशुतोष सिंह, जेई विक्रम सिंह, बाढ़ खंड पीलीभीत के जेई डीके सिंह ने तकनीकी टीम के साथ शारदा नदी किनारे चेनेलाइजेशन के लिए सर्वे किया।
ड्रोन कैमरे से सर्वे भी कराया गया। गांव चंदिया हजारा के प्रधान बासुदेव कुंडू ने बताया कि सर्वे को आए अफसरों ने 10-11 दिन के अंदर डोजिंग चेनेलाइजेशन मशीनों के आने की जानकारी दी है।
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चेनेलाइजेशन से मिलेगी राहत

चेनेलाइजेशन मतलब नदी के चैनलों को सीधा और गहरा करना। नदी की धार सीधी और गहरी होने से क्षेत्र में बाढ़ और कटान का खतरा कम हो जाएगा। नदी पुराने बहाव में बहने लगेगी। मौजूदा समय में नदी चंदिया हजारा के समीप तीन धारों में बह रही है। चेनेलाइजेशन से नदी की एक धार हो जाएगी। जो गहरी होगी। धार के दोनों ओर नदी से निकली रेत का ढेर रहेगा।
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