किसान ने बताया कि उसने अनुमति लेकर पेड़ काटने की बात कहीं और रिश्वत देने से मना कर दिया। इससे पुलिस ने ट्रैक्टर ट्रॉली और जेसीबी को थाने में खड़ा कर दिया। चालक को भी थाने में बैठा लिया। जबकि पुलिस ने जिन लोगों को वन कर्मी बताया, वह थाने नहीं आए थे।
किसान की शिकायत के अनुसार, सुबह एसएसओ के हस्तक्षेप के बाद सभी को छोड़ा गया। रात में जेसीबी चालक पर झूठ बोलकर 55 पेड़ बताने का दबाव बना रहे थे। चालक ने मना किया जो उसकी पिटाई भी पुलिस ने की। मामले की शिकायत चार दिसंबर को एसपी से की गई। एसपी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तीनों को निलंबित कर दिया है।
एसपी ने डीएफओ को लिखा पत्र
वनकर्मियों की भी संलिप्तता प्रतीत हो रही है। पहले वनकर्मियों ने अनुमति के अनुसार पेड़ काटने की बात कहीं। पुलिस जांच में अनुमति से ज्यादा पेड़ काटे जाने की बात कही। पेड़ कटान के दौरान वनकर्मी भी मौजूद थे। डीएफओ को पत्र भेजकर मामले की जांच कराने के लिए एसपी ने पत्र भेजा है। वनकर्मियों ने बदल-बदलकर बयान दिए हैं।
किसान के पेड़ों के मामले में एसएसआई और दो सिपाहियों को निलंबित किया गया है। छह लाख की मांग की पुष्टि नहीं हुई है। नियमानुसार पुलिस की ओर से कार्रवाई नहीं की गई थी। वन कर्मियों ने भी बयान बदले हैं। जांच के लिए डीएफओ को पत्र भेजा गया है। एक सीओ की जांच मिल गई है। एक जांच रिपोर्ट आना बाकी है।
- दिनेश कुमार पी, एसपी