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पीलीभीत: किसान से छह लाख की रिश्वत मांगने पर दरोगा और दो सिपाही निलंबित, आईजी के आदेश पर कार्रवाई

Tue, 07 Dec 2021 11:33 PM IST
अनुराग सक्सेना संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत

सार

माधोटांडा थाना क्षेत्र के गांव पंचपेड़ा में किसान गुरुदयाल सिंह ने बताया कि उन्होंने खेत में खड़े 35 पेड़ों को काटने के लिए वन विभाग से अनुमति ली थी। तीन दिसंबर को पेड़ कटवाने के बाद जेसीबी से जड़ों को निकलवा रहे थे। कुछ जड़ें बची थीं। थाने के एसएसआई रामगोपाल, सिपाही लेखपाल और सिपाही मोनू कुमार कुछ अन्य लोगों के साथ खेत पर पहुंचे। साथ में आए लोगों को वनकर्मी बताया था।
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यूपी पुलिस - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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किसान से छह लाख रुपये की रिश्वत मांगने और भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे एसएसआई रामगोपाल और दो सिपाहियों लेखपाल और मोनू कुमार को जांच के बाद पुलिस अधीक्षक ने निलंबित कर दिया। आईजी ने इनके खिलाफ आई शिकायत पर शाहजहांपुर के सीओ से जांच कराई थी।

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माधोटांडा थाना क्षेत्र के गांव पंचपेड़ा में किसान गुरुदयाल सिंह ने बताया कि उन्होंने खेत में खड़े 35 पेड़ों को काटने के लिए वन विभाग से अनुमति ली थी। तीन दिसंबर को पेड़ कटवाने के बाद जेसीबी से जड़ों को निकलवा रहे थे। कुछ जड़ें बची थीं। इसी दौरान करीब नौ बजे थाने के एसएसआई रामगोपाल, सिपाही लेखपाल और सिपाही मोनू कुमार कुछ अन्य लोगों के साथ खेत पर पहुंचे। साथ में आए लोगों को वनकर्मी बताया था।

शिकायत के अनुसार, पुलिस ने अनुमति से ज्यादा पेड़ काटने का आरोप लगाया। इस पर मौके से पेड़ों की गिनती करने की बात कही गई। मगर पुलिस ने नहीं सुना। जेसीबी चालक को हिरासत में लेकर जेसीबी और ट्रैक्टर ट्रॉली अपने कब्जे में लेकर थाने ले जाने लगे। रास्ते में बिहारी पुल के पास पुलिस ने छह लाख की रिश्वत मांगी।

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किसान ने बताया कि उसने अनुमति लेकर पेड़ काटने की बात कहीं और रिश्वत देने से मना कर दिया। इससे पुलिस ने ट्रैक्टर ट्रॉली और जेसीबी को थाने में खड़ा कर दिया। चालक को भी थाने में बैठा लिया। जबकि पुलिस ने जिन लोगों को वन कर्मी बताया, वह थाने नहीं आए थे।

किसान की शिकायत के अनुसार, सुबह एसएसओ के हस्तक्षेप के बाद सभी को छोड़ा गया। रात में जेसीबी चालक पर झूठ बोलकर 55 पेड़ बताने का दबाव बना रहे थे। चालक ने मना किया जो उसकी पिटाई भी पुलिस ने की। मामले की शिकायत चार दिसंबर को एसपी से की गई। एसपी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तीनों को निलंबित कर दिया है।

मामले में बरेली जोन के आईजी हुए गंभीर

बरेली जोन के आईजी रमित शर्मा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पीलीभीत और शाहजहांपुर के एसपी को जांच कराने के निर्देश दिए थे। इस पर शाहजहांपुर के एसपी ने सीओ सदर अखंड प्रताप और पीलीभीत के एसपी ने सीओ पूरनपुर वीरेंद्र विक्रम सिंह से मामले की जांच कराई ।

जांच अधिकारियों ने किसान, जेसीबी चालक, पुलिस कर्मियों के बयान लिए। इसके बाद आईजी के निर्देश पर मंगलवार को एसएसआई रामगोपाल, सिपाही लेखपाल, सिपाही मोनू कुमार के कार्य में लापरवाही मिलने पर निलंबित किया गया है।
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एसपी ने डीएफओ को लिखा पत्र

वनकर्मियों की भी संलिप्तता प्रतीत हो रही है। पहले वनकर्मियों ने अनुमति के अनुसार पेड़ काटने की बात कहीं। पुलिस जांच में अनुमति से ज्यादा पेड़ काटे जाने की बात कही। पेड़ कटान के दौरान वनकर्मी भी मौजूद थे। डीएफओ को पत्र भेजकर मामले की जांच कराने के लिए एसपी ने पत्र भेजा है। वनकर्मियों ने बदल-बदलकर बयान दिए हैं।

किसान के पेड़ों के मामले में एसएसआई और दो सिपाहियों को निलंबित किया गया है। छह लाख की मांग की पुष्टि नहीं हुई है। नियमानुसार पुलिस की ओर से कार्रवाई नहीं की गई थी। वन कर्मियों ने भी बयान बदले हैं। जांच के लिए डीएफओ को पत्र भेजा गया है। एक सीओ की जांच मिल गई है। एक जांच रिपोर्ट आना बाकी है।
- दिनेश कुमार पी, एसपी
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