निवेश के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी करने के मामले में एसपी की सख्ती के बाद केवीसीएल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के संचालकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। दो दिन सीमा विवाद में टालमटोल के बाद सुनगढ़ी पुलिस ने एजेंटों से मिली तहरीर पर कानूनी कार्रवाई की है।
नौगवां चौराहा पर एक कार्यालय से 2008 से संचालित हो रही केवीसीएल कंपनी के दर्जनों एजेंटों ने पिछले दिनों एसपी-एएसपी से मुलाकात कर शिकायत की थी। जिसमें कंपनी पर निवेश के नाम पर करोड़ों रुपये की रकम हड़पने के बाद कार्यालय बंद कर भागने का आरोप लगाया। कंपनी के शाखा प्रबंधक निरंजनकुंज कॉलोनी निवासी योगेश कुमार गंगवार, सहयोगी जतीपुर (जहानाबाद) निवासी पोशाखी लाल गंगवार, भगवान स्वरुप और नौगवां पकड़िया के वीरेंद्र यादव पर ठगी के आरोप लगाने के साथ ही उनके नेपाल भागने की आशंका भी जाहिर की थी। सभी ने चार करोड़ से अधिक रुपये का गबन करने का लेखाजोखा अफसरों को दिया। इस पर एसपी ने थाना पुलिस को कार्रवाई के निर्देश दिए थे। दो दिनों तक मामला कोतवाली और सुनगढ़ी के बीच सीमा विवाद में उलझकर रह गया। कार्यालय किसके क्षेत्र के अंतर्गत आएगा? इसको लेकर दोनों एक दूसरे पर टालते रहे। हालांकि एसपी की सख्ती के बाद शनिवार को कानूनी कार्रवाई की गईहै। एजेंटों से मिली संयुक्त तहरीर पर सुनगढ़ी पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। एसपी कलानिधि नैथानी ने बताया कि सुनगढ़ी थाना पर कंपनी चलाने वालों पर मुकदमा दर्ज कराया गया है। कंपनी से जुड़ी अहम जानकारी जुटाकर गंभीरता से जांच कराई जाएगी।