कैमरे में फिर दिखा खूनी बाघ
तीन लोगों की जान लेने वाला खूनी बाघ वन विभाग की पकड़ से अभी भी बाहर है। उसकी लोकेशन लगातार देवहा नदी के निकट गन्ने के खेतों में बनी हुई है। उसकी एक फोटो भी कैमरे में कैद हुई है।
वनकटी से निकले बाघ ने अमरिया क्षेत्र के हिमकरनपुर और बेहरी गांव के निकट सात, आठ और 10 सितंबर को तीन लोगों की जान ले ली थी। इंसानों के लिए घातक घोषित करते हुए उच्चाधिकारियों ने इसे पकड़ने के निर्देश दिए थे, लेकिन 11 सितंबर से चल रहे अभियान में बाघ पकड़ में नहीं आया है। अधिकारियों के निर्देश पर प्रतिदिन टीमें गश्त कर रही हैं। साथ ही अलग-अलग स्थानों पर बने मचानों से भी निगरानी की जा रही है। बुधवार की सुबह टीम ने क्षेत्र का निरीक्षण किया। इसमें दो दिन पूर्व बांधे गए दोनों पड्डे सुरक्षित मिले हैं। हाथियों के द्वारा भी क्षेत्र में कॉबिंग की गई, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। इस दौरान नदी के किनारे लगे कैमरों में बाघ की फोटो आई है। इससे यह स्पष्ट हो गया है बाघ ने क्षेत्र नहीं छोड़ा है और वह इसी क्षेत्र में विचरण कर रहा है।
मेडिकल शिविर लगाकर बांटी दवाएं
बाघ से प्रभावित बेहरी गांव के लोगों के प्रति सहानुभूति दिखाते हुए वन विभाग ने स्वास्थ्य शिविर लगाया गया। स्वास्थ्य विभाग एवं डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के सहयोग से लगे कैंप में ग्रामीणों की जांच कर दवाएं भी वितरित कराई गई।
बाघ को पकड़ने के साथ ही ग्रामीणों को जागरूक भी किया जा रहा है। 24 घंटे टीमें स्थिति पर नजर रखे हुए हैं, लेकिन तमाम प्रयास के बाद भी बाघ दिन में बाहर नहीं आ रहा है। इससे उसे पकड़ने में समय लग रहा है।
आदर्श कुमार, प्रभागीय निदेशक, सामाजिक वानिकी