शनिवार की रात चोरों ने नवागत एसओ को चुनौती देते हुए बिथरा चौराहे पर स्थित गांव संडा निवासी प्रेमनरायन राजपूत की परचून की दुकान का ताला तोड़ दिया और 34 हजार की नगदी समेत करीब डेढ़ लाख रुपये का सामान बटोर ले गए। दुकान स्वामी की तहरीर पर पुलिस ने घटना की रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
गांव संडा निवासी प्रेमनरायण राजपूत की टनकपुर हाइवे के बिथरा चौराहा पर परचून की दुकान है। वह थोक का व्यापार करते हैं। दुकान स्वामी ने बताया कि शनिवार की शाम आठ बजे वह दुकान बंद कर घर चले गए। सुबह चौराहा के अन्य दुकानदारों ने चैनल व शटर के ताले टूटे होने की जानकारी दी। सूचना पर जब वह दुकान पहुंचे तो देखा कि चार ताले टूटे पड़े थे। शटर उठा हुआ था। उन्होंने बताया कि चोर गोलक में रखी 30 हजार की रेजगारी व चार हजार की नगदी, सिगरेट, साबुन, तेल, बादाम, इलायची समेत करीब एक डेढ़ लाख का सामान चोरी कर ले गए। खाली गोलक घटना स्थल से कुछ दूरी पर एक गेंहू के खेत में बरामद हुई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घटना स्थल का निरीक्षण किया। एसओ शमशाद अहमद ने बताया कि घटना की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
फिंगर एक्सपर्ट भी नहीं बुलाए
डीजीपी का सख्त निर्देश है कि चोरी, हत्या लूट जैसी गंभीर अपराधिक घटना होने पर पुलिस फील्ड यूनिट को बुलाकर मौके से साक्ष्य जुटवाएगी। भीड़भाड़ लगने से घटना स्थल से सबूत नष्ट न हों। इसके लिए येलो टेप लगाया जाएगा। ताकि लोग घटना स्थल पर प्रवेश न कर सकें। इसके बाद भी न्यूरिया पुलिस ने फील्ड यूनिट नहीं बुलाई और न ही येलो टेप लगाकर घटना स्थल को सुरक्षित रखने की जरूरत समझी।
घटनाओं का खुलासा न होने से व्यापारियों में रोष
साल भर में बिथरा चौराहा पर स्थित एक फोटो स्टूडियो समेत आधा दर्जन से अधिक दुकानों में चोरी की घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन पुलिस इनमें से किसी घटना का खुलासा नहीं कर सकी। जिससे व्यापारियों में रोष है। नगर उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष विशन कुमार गुप्ता ने बताया कि पुलिस के गश्त न करने और पूर्व में हुई घटनाओं का खुलासा न होने के कारण चोर लगातार घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं, लेकिन पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी है। उन्होंने कहा की चार रोज में यदि पुलिस घटना का खुलासा नहीं करती तो व्यापारी आंदोलन करेंगे।
पिकेट होती तो टल सकती थी वारदात
टनकपुर हाइवे होने के कारण बिथरा चौराहा पर पिकेट ड्यूटी लगाई जाती है। बताया जाता है कि घटना के समय पिकेट चौराहे पर मौजूद नहीं थी, जिस दुकान में चोरी हुई। वह दुकान पिकेट से महज 20 मीटर दूर थी। अगर पुलिस चौराहे पर मौजूद होती तो शायद चोर घटना को अंजाम नहीं दे पाते।