अपर सत्र न्ययाधीश योगेश चंद्र त्रिपाठी ने शहर के 12 वर्ष पुराने तसलीम हत्याकांड के छह आरोपियों को दोषी पाकर आजीवन कारावास और प्रत्येक को 30 हजार रुपये जुर्माना सुनाया है।
शहर के मोहल्ला मुनीर खां निवासी इमरान खां ने कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई। जिसके अनुसार उसके फुफेरे भाई तसलीम से नाजिम, रईस, हबीब आदि की कहासुनी हो गई थी। उन लोगों ने देख लेने की धमकी दी थी। सात नवंबर 2002 को सुबह साढ़े सात बजे नाजिम, रईस, हबीब, फारूख, रफीक नेता, राजा व राशिद हाथों में तलवार, लाठी डंडा, चाकू आदि से लैस होकर आए और तसलीम पर जानलेवा हमला कर दिया। उसे बचाने पहुंचे नदीम, अजीम, अदनान व इमरान के साथ भी मारपीट की। चोटों के कारण तसलीम की मौत हो गई। मुकदमें की सुनवाई के दौरान आरोपी राजा की मौत हो गई। शासकीय अधिवक्ता काजी रिफाकत हुसैन फरहान ने सरकारी पक्ष कोर्ट में रखा। मामले की सुनवाई के बाद अपर सत्र न्यायाधीश योगेश चंद्र त्रिपाठी ने नाजिम, रईस, हबीब (तीनों सगे भाई), फारूख, रफीक नेता व राशिद को दोषी पाकर आजीवन कारावास व प्रत्येक को 30 हजार रुपये जुर्माना सुनाया है।
क्रास केस के छह आरोपी दोषमुक्त
पीलीभीत। तसलीम हत्याकांड के आरोपी पक्ष की ओर से अजीम, अदनान, नदीम, इमरान, असद व गुड्डे पर मारपीट का आरोप लगाते हुए परिवाद दायर किया गया था। अदालत ने साक्ष्य के अभाव में इन सभी छह आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया है।