पीलीभीत। विशेष सत्र न्यायाधीश सुरेंद्र मोहन सहाय ने हत्या के मामले की सुनवाई के बाद दोषी पाते हुए दो सगे भाइयों समेत तीन आरोपियों को आजीवन कारावास और प्रत्येक को पांच-पांच हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड की धनराशि जमा होने पर उसमें से आधी धनराशि मुकदमे की वादिनी को देने का आदेश है।
कोतवाली पूरनपुर के गांव भगवंतापुर उर्फ आनंदपुर की परवीन ने रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया कि 31 मई 2016 को शाम छह बजे उसके चचिया ससुर जुम्मा शाह और हसनैन अली ने उसके रास्ते में लकड़ी लगा दी थी। उसके ससुर आलम शाह ने जुम्मा शाह, हसनैन अली और हासिम शाह से शिकायत की। इस पर आरोपियों ने लाठी डंडों से ससुर पर हमला कर दिया। शोर पर पति गुलफाम ससुर को बचाने पहुंचे तो तीनों ने मिलकर उनकी भी पिटाई कर दी। इसमें गुलफाम मौके पर बेहोश हो गए। सरकारी एंबुलेंस से उनको अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई। वाद विवेचना पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। मुकदमे की सुनवाई के बाद स्पेशल जज ईसी एक्ट सुरेंद्र मोहन सहाय ने जुम्मा शाह, उसके भाई हसनैन अली और हासिम को गुलफाम की हत्या का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास और प्रत्येक को पांच-पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।