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सहेलियों और सहपाठियों से भी सीमित बात करती थी छात्रा

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पीलीभीत। अब पुलिस की जांच छात्रा के व्यवहार और उसकी दिनचर्चा पर फोकस हो रही है। छात्रा सहेलियों और सहपाठियों से बहुत सीमित बातचीत करती थी। ऐसे में वारदात को किसने अंजाम दिया। यह पुलिस की जांच का सवाल है।
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कोचिंग के लिए आते-जाते समय छात्रा के साथ कौन होता था। कोचिंग शुरू होने से पहले और समाप्त होने के बाद छात्रा किससे कितनी बात करती थी? किससे बार-बार बात होती थी। ऐसे कौन से सहपाठी थे उसके जो साथ आते-जाते थे। छात्रा के साथ आने-जाने वाले सहपाठियों को देखने के लिए बरखेड़ा में सीसीटीवी की रिकार्डिंग खंगाली गई। इस छानबीन में पता चला कि छात्रा के गांव का एक सहपाठी आता-जाता था लेकिन उसके साथ छात्रा आती-जाती नहीं थी। दोनों के आने-जाने के समय में अंतर सामने आ रहा है। पुलिस ने सहपाठी छात्र को उठाकर पूछताछ की । लेकिन उससे भी कोई ऐसी बात नहीं खुली जिसके आधार पर पुलिस दुष्कर्मियों के गले में कानून का फंदा डाल सके। छात्रा के आगे-पीछे आने वाले जो भी सहपाठी हैं सभी के बारे में पुलिस छानबीन कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि ऐसे कितने विद्यार्थी थे जो शनिवार को सुबह की कोचिंग में नहीं आए। इनकी संख्या नौ है, जिन पर पुलिस छानबीन कर रही है। इसमें एक छात्रा के गांव का है। बाकी छात्र पड़ोसी गांवों के निवासी हैं। इनके विषय में अलग-अलग टीमें जानकारी जुटा रहीं है।
पढ़ने में बेहद तेज थी। अगर कोई बात समझ में न आए तो दोबारा पूछती जरूर थी। घटना के दिन शाम पांच बजे के बाद छात्रा के पिता का फोन आया था तब हम कोचिंग पढ़ाने वाले तीनों शिक्षकों से बात हुई। सभी ने यही जानकारी दी कि छात्रा किसी की कोचिंग में नहीं आई। छात्रा स्कूल भी नहीं गई। वह कहां से लापता हुई? यह सवाल हमारे दिमाग में भी है।
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- कोचिंग पढ़ाने वाले शिक्षक का बयान
पिता बोलमेरी बेटी हर रोज घर से अकेले ही निकलती थी। जो और बच्चे गांव से जाते थे उनके साथ कभी नहीं गई लेकिन मेरी बेटी और गांव के दूसरे विद्यार्थियों के आने जाने के समय में थोड़ा बहुत ही अंतर होता था। मैं तो यही समझता हूं कि जब सुबह सात बजे की कोचिंग में बेटी नहीं पहुंची तो इसका मतलब यही है कि शनिवार को सुबह 6.45 से 7.00 बजे के बीच उसे अपराधियों ने अपने कब्जे लिया है। इसके बाद क्या क्या हुआ? इसका खुलासा पुलिस करे। मुझे किसी पर कोई संदेह नहीं है। पुलिस ही बताए कि दुष्कर्मी कौन हैं। पुलिस मुझसे बार बार पूछ रही है कि किसी पर शक तो नहीं है? लेकिन जब किसी पर शक नहीं है तो मैं किसी का नाम कैसे लूं। - छात्रा के पिता
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