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पूरनपुर कोतवाली में भिडे़ सिपाही, हाथापाई

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पूरनपुर। लाइनहाजिर चल रहे एक सिपाही ने कोतवाली में तैनात सिपाही पर बक्सा तोड़ कर सामान और तीन हजार रुपये की चोरी का आरोप लगाया तो मारपीट शुरू हो गई। कुछ देर के लिए कोतवाली परिसर में तमाशा खड़ा हो गया। कुछ सिपाहियों ने दोनों को समझाकर शांत किया। आसपास के लोगों और पुलिसकर्मियों में यह घटना चर्चा का विषय बन गई है।
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घटना सोमवार शाम करीब साढ़े छह बजे कोतवाली परिसर की है। ढाबा स्वामी से 1.10 लाख रुपये की वसूली के आरोप पर एसपी ने कांस्टेबिल सुरेंद्र पटेल, विक्की, रामदूत अग्निहोत्री, हनुमान यादव, विक्रांत को लाइनहाजिर कर दिया था। सिपाही सुरेंद्र पटेल, विक्की सिंह और दो अन्य सिपाहियों पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई थी। लाइनहाजिर किए गए सिपाहियों में एक कोतवाली परिसर के अपने कक्ष में ताला डालकर चला गया था। कक्ष का ताला न खोलने पर कुछ दिन बाद सिपाही यही कक्ष अन्य सिपाहियों को दे दिया गया। पखवाड़ा भर पहले कमरे पर आया लाइनहाजिर सिपाही अपना कुछ सामान भी ले गया था। मगर उसका कुछ सामान कमरे में रखा था। लाइनहाजिर सिपाही सोमवार को एक बार फिर कोतवाली के कक्ष में पहुंचा। उसने कक्ष में रह रहे सिपाही पर बक्से का ताला तोड़ने और तीन हजार रुपये चोरी करने का आरोप लगाया। इस पर दोनों सिपाहियों में गाली-गलौज के साथ जमकर मारपीट हुई। आपस में मारपीट कर रहे सिपाही कक्ष के बाहर कोतवाली परिसर में निकल आए। सिपाहियों में मारपीट होती देख अन्य सिपाही और फरियादी एकत्र होने लगे। हालांकि कुछ वरिष्ठ पुलिसकर्मियों ने दोनों को समझाकर शांत किया। सिपाहियों में कोतवाली में मारपीट पुलिसकर्मियों और आसपास के लोगों में चर्चा का विषय बना हुआ है। सिपाही ने घटना की शिकायत कोतवाल और अन्य पुलिस कर्मियों से की। उसका कहना था कि उस पर झूठा आरोप लगाकर गाली-गलौज और मारपीट की गई। कोतवाल रामसेवक ने घटना से अनभिज्ञता व्यक्त की।
यह था ढाबा मालिक से वसूली का मामला
पंकज कॉलोनी निवासी अहमद हुसैन उर्फ गुड्डू की असम हाईवे के सिरसा चौराहे पर मिठाई की दुकान और असम हाईवे पर ढाबा है। ढाबा मालिक ने जुलाई में एसपी से मिलकर चार कांस्टेबिलों पर डोडा तस्करी के आरोप लगाकर 1.10 लाख रुपये वसूली करने का आरोप लगाया था। शिकायत को एसपी ने गंभीरता से लेकर कांस्टेबिल सुरेंद्र पटेल, हनुमान यादव, विक्की को लाइनहाजिर कर दिया था। डायल 112 के इंस्पेक्टर राजेश कुमार को जांच सौंपी गई थी। पुलिस के दबाव पर बाद में ढाबा मालिक बैकफुट पर आ गया था। उसने एसपी को भेजे शिकायती पत्र में कार्रवाई न चाहने की बात कही। तब शोर मचा कि ढाबा मालिक ने मोटी रकम लेकर समझौता कर लिया। हालांकि ढाबा मालिक गुड्डू ने इससे इनकार किया था। जुलाई में एसपी ने कांस्टेबल रामदूत और विक्रांत को भी लाइनहाजिर कर दिया था। एसपी के आदेश पर एक अगस्त को पुलिस ने अहमद हुसैन उर्फ गुड्डू की ओर से वसूली के आरोपी सुरेंद्र पटेल, विक्की सिंह और दो अज्ञात पुलिस वालों पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज थी।
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