पीलीभीत। नगर पालिका कर्मचारियों ने एक युवती का फर्जी जन्म प्रमाणपत्र बनाकर फाइल कमिश्नर कार्यालय भेज दी। कमिश्नर कार्यालय में छानबीन होने पर फर्जीवाड़ा पकड़ा गया। जांच के बाद पटल सहायक समेत नगर पालिका के पांच कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया।
शहर के मोहल्ला शेर मोहम्मद निवासी आसिफ नगर पालिका में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी पद पर कार्यरत थे। सन 1997 में उनका इंतकाल हो गया। इसके बाद उनके बेटे शकील को मृतक आश्रित में नौकरी मिल गई। नौकरी मिलने केबाद शकील ने वर्ष 2018 में पिता की पेंशन बहन अमरीन को दिलाने के लिए जन्म प्रमाण पत्र के लिए नगर पालिका में आवेदन किया था। अमरीन अनपढ़ है। जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र के पटल सहायक राहुल सक्सेना ने सफाई नायक विशेष पाल, पंजीकरणकर्ता नाजिम अली और वसीर की रिपोर्ट पर अमरीन का जन्म वर्ष 2002 दिखाते हुए जन्म प्रमाण पत्र जारी कर दिया। जबकि अमरीन की मां की मौत 2001 में हो गई थी। बावजूद इसके जब पेंशन में पेंच फंसा, तो उसने 2019 में जन्म प्रमाण पत्र संशोधन करने के लिए दोबारा नगरपालिका में आवेदन किया। उसके प्रार्थना पत्र पर बिना छानबीन किए नियम विरुद्ध तरीके से उसकी जन्मतिथि 1996 दर्शाते हुए दोबारा प्रमाण जारी कर दिया।
नियमानुसार जन्म तिथि में कोई बदलाव नहीं होता है। शकील ने बहन अमरीन का दोबारा बना प्रमाण पत्र पेंशन बनवाने के लिए फाइल में लगाकर नगर पालिका में जमा कर दिया। पटल लिपिक ने फाइल बिना पड़ताल किए बरेली कमिश्नर के दफ्तर भेज दी गई। वहां फाइल चेक होने पर पुराने अभिलेखों से मिलान किया गया तो गड़बड़ी पकड़ गई। वहां से फाइल लौटाने के साथ अमरीन के जन्म प्रमाण की जांच करने के निर्देश दिए गए। जांच के बाद पटल सहायक समेत पांच कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया।
ईओ सुरेंद्र प्रताप ने बताया कि जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र पटल सहायक राहुल सक्सेना, युवती के भाई शकील, पंजीकरण कर्ता नाजिम अली, सफाई नायक विशेषपाल और चपरासी वसीर को निलंबित कर दिया है। उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। अब युवती की उम्र के लिए मेडिकल परीक्षण कराया गया है, इसमें उम्र करीब 35 साल आई है।
गलत तरीके से प्रमाण पत्र बनाने के मामले में पटल सहायक समेत पांच कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है। युवती का मेडिकल कराकर उसकी वास्तविक उम्र 35 साल आई। इससे अब जन्म प्रमाण पत्र के रिकॉर्ड में चढ़वा दिया गया हे। - सुरेंद्र प्रताप, ईओ नगरपालिका