पीलीभीत। कोरोना संक्रमण की बढ़ती दूसरी लहर के बीच अब उद्यान विभाग लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने का काम करेगा। इसके तहत आम लोगों को उद्यान विभाग घर और गमले में ही हरी सब्जियों को लगाने के लिए जागरूक करेगा। इन हरी सब्जियों में भिंडी, लौकी, पालक, तोरई समेत सात सब्जियां शामिल हैं। विभाग इन सात सब्जियों के उन्नत प्रजाति के शोधित बीज उपलब्ध कराएगा।
तराई के इस जिले में बाजार में बिकने वाली हाइब्रिड सब्जियों को खरीदने के लिए लोगों को अच्छी खासी जेब ढीली करनी पड़ रही है। वहीं इन सब्जियों से पौष्टिकता भी नहीं मिल रही है। अधिक उत्पादन के लिए केमिकल का इस्तेमाल होता है। जो कि स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होती हैं। एक मध्यमवर्गीय परिवार को रोजाना हरी सब्जियां खरीदने के नाम पर 100 से 150 रुपये खर्च भी करने पड़ रहे हैं। वहीं गरीब तबके की थाली से तो हरी सब्जी दूर होती जा रही है। कोरोना काल में भी सब्जियों की कीमत काबू में आने का नाम नहीं ले रही है। ऐसे में महीने का बजट गड़बड़ाता जा रहा है। इस बजट को संभालने के लिए उद्यान विभाग इससे राहत दिलाने की पहल करने जा रहा है। जिसके तहत विभाग लोगों को आर्गेनिक सब्जियों की खेती के लिए प्रोत्साहित करेगा।
सात सब्जी बीजों की मिलेगी मिनी किट
जो लोग हरी सब्जी उगाने की सोच रहे हैं, उन्नत किस्म के बीज पाने के लिए खासी मशक्कत भी नहीं करनी होगी। उद्यान विभाग सात तरह की सब्जियों का शोधित और उन्नत प्रजाति का बीज एक मिनी किट में उपलब्ध कराएगा। इस 190 ग्राम की मिनी किट में भिंडी, लौकी, तोरई, लोबिया, कद्दू, पालक और मूली के बीज उपलब्ध कराए जाएंगे। इस मिनी किट की कीमत वैसे तो 200 रुपये है, मगर उद्यान विभाग महज 10 प्रतिशत धनराशि टोकन मनी के रूप में लेकर मिनी किट मुहैया कराएगा।
उद्यान विभाग लोगों को सात प्रकार की हरी सब्जियों के उन्नतशील बीज उपलब्ध कराएगा। यह मिनी किट महज 10 प्रतिशत टोकन मनी देकर प्राप्त की जाती है। इसकी डिमांड भारतीय राष्ट्रीय उपभोक्ता संघ को भेजी जा चुकी है। मिनी किट आने पर लोगों को उपलब्ध कराई जाएगी। इससे आसानी से शुद्ध व ताजी सब्जियां मिलेंगी। वहीं पैसे भी बचेंगे। - आरसी राना, जिला उद्यान अधिकारी