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UP: मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकने के लिए जल्द हो पीलीभीत टाइगर रिजर्व की तारबंदी, सीएम योगी ने दिए निर्देश

Sat, 07 Oct 2023 10:31 AM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत

सार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को पीलीभीत पहुंचे। उन्होंने मुस्तफाबाद गेस्ट हाउस में आयोजित वन्यजीव सप्ताह के समापन समारोह में शिरकत की। उन्होंने मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकने के लिए वन विभाग को पीटीआर की फेंसिंग कराने के निर्देश दिए। 

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पीलीभीत टाइगर रिजर्व में सीएम योगी व मंत्रीगण - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पीलीभीत में वन्यजीव सप्ताह के समापन पर मुस्ताफबाद गेस्ट हाउस पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकने के लिए जल्द से जल्द तार फेंसिंग (तारबंदी) कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकार के प्रोत्साहन और टाइगर रिजर्व की टीम के सफल संरक्षण की ही देन है कि यहां आठ साल में दोगुने से ज्यादा बाघ हो गए।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले मानव वन्यजीव संघर्ष की घटना होने पर कोई आर्थिक मदद नहीं मिलती थी। भाजपा सरकार ने इसे आपदा घोषित किया। अब वन्यजीव के हमले से मौत होने पर परिजनों को पांच लाख रुपये दिए जाते हैं। तार फेंसिंग के लिए पहले ही बजट आवंटित हो चुका है, अब यह काम जल्द पूरा कराना है। 

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मुख्यमंत्री ने कहा कि पीलीभीत टाइगर रिजर्व में वर्ष 2014 में 25 बाघ थे। डबल इंजन की सरकार के प्रयास से 2022 में यह संख्या 71 पर पहुंच गई। मुख्यमंत्री ने इसके लिए वन विभाग के अधिकारियों को बधाई दी। बताया कि प्रदेश में 10 वेटलैंड भी बनाए गए हैं।

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इको टूरिज्म पर दिया जोर 

इको टूरिज्म पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे रोजगार के अवसर पैदा होंगे। उन्होंने कहा कि जंगल किनारे बसे लोगों को रोजगार देने के लिए उन्हें प्रशिक्षण देकर गाइड का दर्जा दिया जाए। जंगल को और ज्यादा सुरक्षित व संरक्षित करने के लिए भी कहा। प्लास्टिक का प्रयोग बिल्कुल न किया जाए।  मुख्यमंत्री ने समारोह में लगाई गई प्रदर्शनी में एक-एक स्टाल पर जाकर उत्पादों के बारे में जानकारी ली।  

गांगेय डॉल्फिन को दिया प्रदेश के जलीय जीव का दर्जा

मुख्यमंत्री ने समारोह के दौरान गांगेय (गंगेटिक) डॉल्फिन को प्रदेश के जलीय जीव का दर्जा देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि तालाबों और नदियों को शुद्ध रखने का प्रयास करना चाहिए। गांगेय डाल्फिन प्रदेश में गंगा, यमुना, चम्बल घाघरा, राप्ती, गेरूआ आदि नदियों में पायी गयी है। एक अनुमान के अनुसार राज्य में गांगेय डाल्फिन की संख्या लगभग 2000 है।

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