पीलीभीत। बाल विकास विभाग में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका के 195 पदों के लिए रिक्तियां निकाली गईं थीं। इसके लिए 3500 महिलाओं ने आवेदन किए। लेकिन शासन स्तर से अगले निर्देश न मिलने की वजह से नियुक्तियां अटक गईं हैं और आवेदकों के पास इंतजार के अलावा कोई विकल्प नहीं है।
जिले में 1960 आंगनबाड़ी केंद्र हैं लेकिन आंगनबाड़ी कार्यकर्ता 1754 ही हैं। सहायिका मात्र 1500 ही है। खाली पदों पर भर्ती की मांग पुरानी है लेकिन इस वर्ष के शुरूआत में शासन स्तर से भर्ती की प्रक्रिया शुरू हुई। विज्ञापन निकला और आवेदन हुए लेकिन इसी बीच कुछ आवेदक हाईकोर्ट चले गए। नियुक्ति प्रक्रिया में धांधली के आरोप थे। हाईकोर्ट जाने वाले आवेदकों में पीलीभीत जिले का कोई नहीं है लेकिन नियुक्ति प्रक्रिया इस जनपद की भी प्रभावित हुई है। अब शासन स्तर का निर्देश का इंतजार किया जा रहा है। जब जिला कार्यक्रम अधिकारी अरविंद कुमार से पूछा गया तो उनका कहना था कि प्रदेश के किसी जनपद में अभी नियुक्तियां नहीं हो सकी हैं। हाईकोर्ट में याचिकाएं लंबित होने की वजह से विलंब हो रहा है। इस विषय में जनपद स्तर पर कोई निर्णय नहीं लिया जाना है। शासन से कोई निर्देश मिलेगा तो नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। यह बात आवेदकों को भी बताई गई है।
बाल विकास योजना पर एक नजर
1960 आंगनबाड़ी केंद्र
1754 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता
1500 सहायिकाएं
5500 रुपये मानदेय आंगनबाड़ी कार्यकर्ता का
2700 रुपये महीने सहायिका को मिलता है मानदेय
बहुत उम्मीद के साथ आवेदन किया अभी तक किसी का चयन नहीं किया गया अगर जल्दी चयन प्रक्रिया पूर्ण नहीं हुई तो आचार संहिता लागू हो जाएगी। - पुष्पारानी, मोहल्ला मोहम्मद वासिल, पीलीभीत
इस समय सहायिका के पद पर कार्य कर रही हूं। मैंने कार्यकत्री के पद पर प्रमोशन के लिए आवेदन किया लेकिन अभी तक चयन प्रक्रिया पूर्ण नहीं हुई। - सहायिका सीमा जौहरी, वार्ड नंबर 15 खकरा