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दिवाली की रात खूब छूटे पटाखे, हवा हुई जहरीली

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शहर में आतिशबाजी से उठता धुंआ। - फोटो : PILIBHIT
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पीलीभीत। पाबंदियों और अपीलों का कोई खास असर नहीं दिखा। दिवाली की शाम सात बजे से रात में 11 बजे तक शहर में जमकर पटाखे छूटे। वायु प्रदूषण के साथ ध्वनि प्रदूषण भी फैला। पटाखों के निकलने वाले धुएं के चलते वायु की गुणवत्ता सूचकांक 440 पर पहुंच गया। एक अनुमान के मुताबिक छह करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के पटाखे लोगों ने छोड़े।
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शहर का एक्यूआई (वायु गुणवत्ता सूचकांक) मापने के लिए प्रदूषण नियंत्रण विभाग की ओर से कोई व्यवस्था नहीं है लेकिन निजी एप से मिली जानकारी का हवाला देकर जिला विज्ञान क्लब के पूर्व समन्वयक लक्ष्मीकांत शर्मा ने बताया कि गत वर्ष की तुलना में इस वर्ष की दिवाली पर शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक बढ़ गया। उनके मुताबिक बीते वर्ष की दिवाली पर रात दस बजे एक्यूआई 310 था जो अबकी बार रात साढ़े दस बजे 440 तक पहुंच गया। रात 11.30 बजे बाद पटाखों का शोर थमा और धीरे-धीरे वायु गुणवत्ता सूचकांक कम होने लगा। शुक्रवार को सुबह एक्यूआई 220 के आसपास पहुंचा। वायु गुणवत्ता सूचकांक 0 से 50 सबसे अच्छा माना जाता है। 50 से 100 में रोगियों को परेशान करने वाली हवाएं निकलती हैं। जबकि 100 से 150 एक्यूआई स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक है। इसके बाद 150 से 300 एक्यूआई तक गंभीर तथा 300 एक्यूआई से खतरनाक की श्रेणी में है। पटाखों के जलने से उत्पन्न हानिकारक गैसों तथा सूक्ष्म कण जो वायुमंडल में आते हैं, उनकी सांद्रता में वृद्धि, वायु गुणवत्ता सूचकांक में बढ़ोतरी के लिए उत्तरदाई हैं। दूसरी ओर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी रोहित सिंह निजी एप के एक्यूआई आंकड़ों से सहमत नहीं है।
पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता न होने के कारण लोग पटाखे छुड़ाते रहे। दिवाली पर शाम ढलने के बाद एक्यूआई बढ़ा और हवा में जहर घुलता रहा। यह स्थिति लोगों की सेहत के लिए ठीक नहीं है। इस स्थिति को सामान्य होने में वक्त लगेगा।
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- लक्ष्मीकांत शर्मा, जिला विज्ञान क्लब के पूर्व समन्वयक
आतिशबाजी की वजह से पूरा वायु मंडल प्रभावित हुआ है। सामान्य दिनों की तुलना तीन-चार गुना प्रदूषण दिवाली की रात होता है। पटाखों के पार्टिकल जल्दी बेअसर हो जाते हैं लेकिन माइक्रो पार्टिकल वायुमंडल में लंबे समय तक घूमते रहते हैं। अगर लोग एनजीटी और सुप्रीम कोर्ट की मानते तो ऐसा नहीं होता।
- चंद्रपाल गंगवार, जिला समन्वयक, जिला विज्ञान क्लब
बेशक पटाखों से प्रदूषण फैला है और एक्यूआई सामान्य दिनों की तुलना में बढ़ा है। ऐसे मैं यही कहूंगी कि जिन्हें पहले से अस्थमा है। पोस्ट कोविड हैं या फिर श्वांस के रोगी हैं तो ऐसे लोग एक-दो दिन सुबह के वक्त सैर पर न जाएं। खुद को फिट बनाए रखने के लिए घर के अंदर योग और प्राणायाम कर सकते हैं।
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- डॉ. सीमा अग्रवाल, सीएमओ
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