पीलीभीत। किसानों के रेल रोको आंदोलन को लेकर प्रशासन भले ही अलर्ट हो, मगर किसानों को ट्रैक पर जाने से नहीं रोक सकी। तीन मजिस्ट्रेट और एएसपी ने खुद फोर्स का नेतृत्व किया। इसके बाद भी किसानों ट्रैक को कब्जे में ले लिया। हालांकि रेलवे ने पहले ही दोपहर में गुजरने वाली ट्रेनों को स्टेशनों पर खड़ा कर दिया था।
आंदोलन को लेकर पिछले कई दिनों से प्रशासन किसानों को नजर बंद और हाउस अरेस्ट कर रहा था। इसके बाद भी सोमवार को किसान नेता ट्रेन रोकने के लिए पहुंच गए थे। जबकि किसानों को रोकने के लिए सभी प्लेटफार्म पर पुलिस लगाई गई थी। किसान नेता सतविंदर सिंह कहलो ने बताया था कि दोपहर में दिल्ली की जाने वाली एक्सप्रेस ट्रेन रोकी जाएगी। किसानों का आंदोलन रोकने के लिए एडीएम न्यायिक देवेंद्र प्रताप मिश्र, सिटी मजिस्ट्रेट अरुण कुमार, एसडीएम सदर अविनाश चंद्र मौर्या, एएसपी डॉ. पवित्र मोहन त्रिपाठी, सीओ सिटी सुनील दत्त, रेलवे सुरक्षा बल, जीआरपी समेत बड़ी संख्या में फोर्स को लगाया गया था। इसके बाद भी कुछ किसानों के ट्रैक पर कब्जा करते ही संख्या बढ़ती गई। पुलिस ने हटाने का प्रयास भी किया, मगर किसान मनाने को तैयार नहीं हुए। हालांकि बारिश तेज होने के कारण किसान ज्ञापन देने के बाद खुद ही हट गए।
तीन ट्रेनों को रेलवे ने पहले ही रोका
किसानों के आंदोलन को देखते हुए रेलवे ने दोपहर में गुजरने वाली ट्रेनों को पहले ही रोक दिया था। टनकपुर से दिल्ली की ओर जाने वाली पूर्णागिरि जनशताब्दी एक्सप्रेस को खटीमा स्टेशन पर खड़ा कर दिया था। इस ट्रेन का पीलीभीत पहुंचने का समय 12:30 बजे का है। मगर सोमवार को ट्रेन 42 मिनट देरी से एक बजकर 12 मिनट पर जंक्शन पहुंची। इसके लिए पीलीभीत से टनकपुर को पैसेंजर ट्रेन 12:40 बजे रवाना होने का समय है। मगर रेलवे ने इस ट्रेन को दो घंटा के लिए जंक्शन पर खड़ा कर दिया। इसके बाद 02:40 बजे रवाना हुई। टनकपुर से पीलीभीत आने वाली ट्रेन का समय टनकपुर से 12:50 बजे छूटने का है। मगर आंदोलन के चलते इस ट्रेन को दो घंटा देरी से 02:50 पर रवाना किया गया। इससे तीन ट्रेनों को देरी से रवाना किया गया।
बारिश में भीगने से बचते रहे अफसर, किसान होते रहे आक्रोशित
रेल रोको आंदोलन के दौरान झमाझम बारिश होने से जहां किसानों की संख्या कम रहीं। वहीं अफसर और पुलिस कर्मी भीगने से बचते रहे। ट्रैक पर आक्रोशित किसानों अफसर वार्ता कराना चाहते थे, मगर किसानों का कहना था कि ट्रैक पर आकर वार्ता की जाय। इसके बाद भी अफसरों ने किसानों को मनाने के लिए अधीनस्थों को तो भेजकर किसानों को टिनशेड में बुलाने को कहा। मगर, किसान आने के तैयार नहीं हुए। इसके बाद सिटी मजिस्ट्रेट ने ट्रैक पर जाकर ज्ञापन लिया।