पीलीभीत। ग्राम पंचायत अमखेड़ा लखनऊ में सामुदायिक शौचालय बनाने के नाम पर सचिव ने लाखों को खेल कर दिया। ग्राम प्रधान की अनुमति बगैर शौचालय का निर्माण दिखाकर डोंगल से दो लाख का भुगतान कर दिया। जबकि शौचालय अभी तक चालू नहीं हुआ है। ग्राम प्रधान की शिकायत पर डीएम ने मामले की जांच सीडीओ को दे दी है।
बरखेड़ा ब्लॉक की ग्राम पंचायत अमखेड़ा लखनऊ कलां की ग्राम प्रधान शाहनाज अंसारी ने डीएम पुलकित खरे को दिए शिकायती पत्र में ग्राम पंचायत अधिकारी लालबहादुर पर धोखाधड़ी से कई लाख रुपये की हेराफेरी करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि पिछले पूर्व प्रधान के कार्यकाल में गांव में सामुदायिक शौचालय का निर्माण शुरू कराया गया था। इसके लिए केंद्रीय वित्तीय आयोग से छह जुलाई 2020 और 24 दिसंबर 2020 के माध्य 2,88,888 रुपये निकले गए थे। इसके बाद नवनिर्वाचित ग्राम प्रधान शाहनाज अंसारी का कार्यकाल शुरू हो गया था। नवनिर्वाचित प्रधान ने ग्राम पंचायत अधिकारी (सचिव) को छह जुलाई 2021 को 27 हजार रुपये निकालने की अनुमति दी थी। धनराशि निकालने के लिए डोगल भी दिया था। बाद में प्रधान के डोंगल मांगने पर सचिव टालमटोल करते रहे। सचिव ने 17 जुलाई को डोंगल लौटाया था। ग्राम पंचायत में साफ सफाई दुरुस्त रखने के लिए सामग्री की खरीदने के लिए सचिव को 23 हजार का अनुमति पत्र दिया गया था। मगर सचिव ने बिना बताए ग्राम पंचायत के खाते से 1,99,007 रुपये की हेराफेरी कर दी। शौचालय निर्माण की पूरी रकम निकालने के बाद भी उसे चालू नहीं कराया गया।
अमखेड़ा ग्राम पंचायत के सचिव लालबहादुर का तबादला 28 अगस्त को हो गया था। मगर इसके बाद भी वह ग्राम पंचायत का डोंगल अपने पास रखे रहे। इस दौरान सचिव ने बिना ग्राम प्रधान की अनुमति के करीब दो लाख रुपये निकाल लिए।
शौचालय निर्माण के लिए धनराशि निकली गई थी। स्थानांतरण 28 अगस्त को हो गया था, लेकिन तबादला आदेश कई दिनों बाद मिला। धनराशि निकालने में किसी तरह की हेराफेरी नही की गई है। - लालबहादुर, सचिव
ग्राम प्रधान ने शिकायती पत्र दिया है। मामले की गंभीरता से जांच कराई जा रही है। अगर गलत तरीके से धनराशि निकाली गई तो जांच के बाद संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - प्रशांत श्रीवास्तव, सीडीओ