पीलीभीत। शहरी क्षेत्रों को साफ-सुथरा रखने के लिए प्रदेश सरकार ने कूड़ा व गंदगी फैलाने वालों पर जुर्माना की व्यवस्था लागू की है। इसके तहत नगरपालिका क्षेत्र में 500 रुपये और नगर पंचायत क्षेत्र के लोगों को 350 रुपये तक जुर्माना भरना पड़ सकता है लेकिन शहर की स्थिति बिल्कुल उलट है। यहां तो नगरपालिका ही सड़कों के किनारे कूड़ा फेंक और जला रही है। लोगों का कहना है कि अगर आम लोगों पर जुर्माना तय किया जा रहा है, तो नगरपालिका पर भी जवाबदेही और कार्रवाई होनी चाहिए।
प्रदेश सरकार ने शहरों को साफ रखने के लिए उप्र ठोस अपशिष्ट (प्रबंधन, संचालन एंव स्वच्छता) नियमावली को मंजूरी दी है। इस व्यवस्था के तहत अगर कोई भी व्यक्ति गंदगी फैलाता है, सीवर का पानी बहाता है, नाली-नाले का जल प्रवाह रोकता है या सार्वजनिक स्थान पर किसी तरह की गंदगी फैलाता है तो उसे जुर्माना भरना होगा। लेकिन नगरपालिका की ओर से ही शहर की सड़कों पर सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा फैलाया जा रहा है। शहर से निकलने वाले कूड़े को इकट्ठा करने की व्यवस्था तो पालिका द्वारा की जा रही है, लेकिन उसके निस्तारण की कोई व्यवस्था नहीं बनी है। पालिका ने शहर में वर्ष 2018 में मीरापुर गांव में डंपिंग ग्राउंड के लिए जगह चयनित की थी लेकिन अव्यवस्थाओं के कारण नगरपालिका के वाहन वहां तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। एक दिन में शहर से करीब 38 टन कूड़ा निकलता है। जो दोपहर तक शहर की सड़कों पर ही दिखाई देता है। इधर, डेंगू और मलेरिया का प्रकोप बढ़ने के बाद भी नगरपालिका की ओर से फॉगिंग शुरू नहीं कराई गई है।
9.50 करोड़ की लागत के डंपिग ग्राउंड की फाइल डंप
शहर को कूड़े से निजात दिलाने के लिए वर्ष 2018 में मीरापुर गांव में जगह चयनित की गई है। इसके लिए शासन ने 9.50 करोड़ का डीपीआर बनाकर शासन को भेजा गया था। इस का रुपया भी आवंटित हो चुका है। यह काम सीएनडीएस संस्था को पूरा करना है। लेकिन अभी तक काम शुरू नहीं हो सका है। इधर, बरसात होने के बाद डंपिंग ग्राउंड को जाने वाली सड़क नहीं होने के कारण वाहन उधर नहीं जा पा रहे हैं। इसलिए शहर का कूड़ा अस्थायी डलावघर में ही पड़ा दिखाई देता है। लेकिन इसके बाद भी डंपिंग ग्राउंड की फाइल को डंप हो रखी है।
जुर्माना दर नगर पालिका और नगर पंचायत
- कूड़ा जलाने या मिट्टी में दबाने पर 500 - 350
- नाली चोक करने वाली सामग्री डालने पर 200 - 100
- स्कूल/अस्पताल के पास गंदगी फैलाने पर 400 - 300
- सार्वजनिक स्थान पर गंदगी करने पर 300 - 200
- घरों का मलबा सड़क किनारे रखने पर 200-100
- निजी नाली या सीवर की गंदगी फैलाने पर 200 -100
डंपिंग ग्राउंड के लिए जगह चयनित कर ली गई है। यह पर निर्माण कार्य सीएनडीएस संस्था को पूरा करना है। टेंडर नहीं हो सका है। जल्द ही टेंडर प्रक्रिया कराई जानी है। इस मामले में पत्र भेजा गया है। जल्द ही काम शुरू होने की उम्मीद है।
- सुरेंद्र प्रताप, ईओ नगरपालिका