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आरोपी ई-स्टांप वेंडर पर कार्रवाई के लिए डीएम को भेजी पत्रावली

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उपनिबंधक कार्यालय सदर। संवाद - फोटो : PILIBHIT
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पीलीभीत। सदर तहसील में 28 अगस्त को उप निबंधक ने छापा मारा था। इसमें सभी वेंडरों के फर्जी ई-स्टांप बिक्री के आरोप में अभिलेख जब्त किए गए थे। जांच में एक वेंडर फर्जी स्टांप बेचने का आरोपी मिला था। उसके अभिलेख सीज कर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। नोटिस में संतुष्ट जवाब नहीं मिलने पर बुधवार को आरोपी वेंडर पर कार्रवाई के लिए पत्रावली डीएम को भेज दी गई।
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सदर तहसील में एक वेेंडर की फर्जी तरीके से ई-स्टांप बिक्री की शिकायत हुई थी। इस पर उप निबंधक ने तहसील में 28 अगस्त को छापा कर सभी ई-स्टांप वेंडरों के अभिलेख जब्त कर लिए थे। उच्चाधिकारियों को भी मामले का अवगत कराया दिया गया। सभी वेंडरों के अभिलेखों की जांच हुई, तो इनमें एक वेंडर पर फर्जीवाड़ा का आरोप सही निकला था। इसके बाद आरोपी वेंडर ई-स्टांप सिस्टम का कोड (आईडी पासवर्ड) लॉक कर दिया गया। इसके बाद वेंडर को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। जबाव देने का समय तीन दिन का दिया गया। आरोपी की जांच भी शुरू कर दी गई थी। जांच में भी मामला सही पाया गया। आरोपी की ओर से नोटिस का जबाव भी संतोषजनक नहीं दिया गया है। उप निबंधक जयप्रकाश ने बताया कि आरोपी वेंडर की ओर से नोटिस का संतुष्ट जबाव नहीं मिला है। आरोपी का पत्रावली डीएम को भेज दी गई है। आगे की कार्रवाई डीएम की ओर से की जाएगी।
प्रदेश सरकार ने ई-स्टांप प्रणाली लागू कर फर्जी स्टांप की बिक्री के धंधे और घोटालों पर अंकुश लगाने के लिए लागू की थी। शासन ने केंद्रीय अभिलेख अनुरक्षण अभिकरण स्टाक होल्डिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया को इसके लिए अधिकृत किया गया है। इसके बाद भी सदर तहसील के एक वेंडर ने शासन की मंशा पर पानी फेरते हुए ई-स्टांप बिक्री में खेल कर दिया।
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आरोप सही मिलने के बाद भी कार्रवाई में लगा डेढ़ सप्ताह
एक अगस्त को तीन दिन का समय देते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। इसके बाद भी आरोपी पर डेढ़ सप्ताह बाद भी कार्रवाई नहीं हो सकी। सिर्फ आरोपी की पत्रावली डीएम को कार्रवाई के लिए भेजकर उप निबंधक ने अपना पल्ला झाड़ लिया। ऐसे में शासन की फर्जी स्टांप बिक्री रोकने की मंशा को उप निबंधक किस तरह निभा रहे है। इसको अंदाजा इस कार्रवाई से लगाया जा सकता है।
ई-स्टांप फर्जीवाड़ा के आरोपी वेंडर की पत्रावली मिल चुकी है। मामले की जांच कराई जा रही है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जा रही है। - पुलकित खरे, डीएम पीलीभीत
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