पीलीभीत। जिले में लगभग 25 से ज्यादा आरओ वाटर प्लांट और करीब 100 से अधिक वाहन धुलाई केंद्र चल रहे हैं। भूजल अधिनियम लागू होने के बाद से अब तक एक भी पंजीकृत नहीं है। यह आलम तब है जब इनकी संख्या शहर से लेकर देहात तक तेजी से बढ़ रही है।
शहर में स्टेशन रोड, छतरी चौराहा, नोगवा चौराहा, टनकपुर हाईवे समेत शहर के विभिन्न स्थानों में संचालित होते हैं। इसके अलावा शहर के चावला चौराहा, गैस चौराहा, सुनगढ़ी तिराहा के आसपास वाटर सप्लाई केंद्र धड़ल्ले से चल रहे हैं। नियमानुसार सभी को नगर पालिका में अपना पंजीकरण कराना अनिवार्य होता लेकिन विभाग की लापरवाही और टैक्स से बचने के लिए संचालक पंजीकरण नहीं कराते हैं। नगर पालिका ने दो साल पहले शहर में सर्वे कराया था। उस समय 25 आरओ वाटर प्लांट और 100 वाहन धुलाई केंद्र बिना पंजीकरण के पाया गया था। लेकिन कोरोना के बाद से इस पर अमल नहीं किया गया। ऐसे शहर में लोग बिना पंजीकरण ऐसे शहर में अपना व्यापार चला रहे हैं। लगातार जिले में जल का दोहन किया जा रहा है।
वाटर टैक्स को लेकर टीम को दिशा-निर्देश दिए गए हैं। वाटर आरओ प्लांट और धुलाई सेंटर से टैक्स का गजट बोर्ड ने पास कर दिया है। जल्द ही प्रक्रिया कराकर टैक्स वसूली की जाएगी। - सुरेंद्र प्रताप ईओ नगर पालिका