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नलडेंगा में शारदा नदी का कटान, झाड़ - झंखाड़ डालकर रोकने की कोशिश फेल

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पीलीभीत। नलडेंगा गांव के नगरिया खुर्द क्षेत्र में दो दिन पूर्व शुरू हुए शारदा नदी के कटान की गति ठोकर संख्या 27 और 28 की मजबूती के चलते धीमी हो गई है। दोनों ठोकरों के बीच में सिंचाई विभाग की ओर से झाड़ झंखाड़ डालकर कटान रोकने की कोशिश की गई थी, मगर सफलता नहीं मिली। सिर्फ कटान की स्थिति धीमी हुई है।
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शारदा नदी का बृहस्पतिवार से फिर जलस्तर बढ़ने लगा है। कुछ दिन पहले जल स्तर कम होने से नलडेंगा गांव के नगरिया खुर्द क्षेत्र में कटान शुरू किया था। कटान की गति तेज होने पर नदी ने यहां पर पत्थर की बनी ठोकर संख्या 27 और 28 के बीच भू कटान शुरू किया था। किसानों की फसलें कटान की भेंट चढ़ने लगी। ठोकर संख्या 27 का भीतरी हिस्से का लगभग 20 मीटर भाग भी टूट कर नदी में समा गया था। जिसके बाद आनन-फानन में क्षेत्र के ग्रामीणों ने बचाव कार्य शुरू किया। खेतों में खड़े वृक्षों को काटकर झाड़ झंखाड़ नदी के किनारे डाला जा रहा था। मंगलवार को सिंचाई विभाग के अभियंताओं ने भी पहुंच कर जो संभव हो सका बचाव कार्य कराए। नदी यहां पर दोनों ठोकरों के बीच के भाग को काट रही है। बुधवार को क्षेत्र में लगी फसलों में भी जलभराव हो गया था, लेकिन अब पत्थर की दोनों ठोकरें जलस्तर में कमी होने पर कटान की गति को धीमी किए हुए हैं। यदि ठोकरें कट जाती हैं तो इस स्थिति खराब हो सकती है। क्योंकि नदी तटबंध के किनारे की ओर बढ़ रही है। जहां ग्रामीण कार्य सेवा से काम कर रहे हैं। लापरवाही से स्थित बनी है। जबकि अभियंताओं ने अधिकतर ध्यान 12 करोड़ के प्रोजेक्ट पर लगा रखा था। वहां पर एक ठोकर को बचाने के लिए और उसकी सपोर्ट में दो अन्य ठोकर बनाने के लिए 12 करोड़ खर्च कर दिए गए। सहायक अभियंता राजकुमार ने बताया कि कटान कम हो गया है।
शारदा का जलस्तर बढ़ने से राहुलनगर में लोगों ने समेटना शुरू कर दिया सामान
शारदा नदी का जलस्तर बढ़ने से ऊफान की आशंका पर नदी किनारे बसे गांव राहुलनगर के लोगों ने घरेलू सामान ऊंचे स्थानों पर सुरक्षित रखना शुरू कर दिया। पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शुरू कर दिया गया। नदी ने गांव चंदिया हजारा के समीप भूकटान शुरू किया है। नदी में पानी बढने से कॉलोनी नंबर छह की ओर आए नाला से खेतों और आबादी में जलभराव शुरू होने से लोग बारिश में नाला के दोनों ओर श्रमदान कर मिट्टी से भरे कट्टे लगाना शुरू कर दिया।
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पिछले दिनों शारदा नदी दो बार उफनाने से गांव राहुलनगर में आबादी में पानी घुसने से कई दिन तक लोग परेशान रहे थे। हालांकि कुछ दिन पहले नदी ने अपना रुख बदलते हुए गांव से करीब पांच सौ मीटर दूर चली गई। मगर नदी का जलस्तर बढ़ने से नदी में गांव किनारे तक पानी आने से लोग नदी के उफान होने की आशंका से गांव राहुलनगर के लोग चिंतित होने लगे। आबादी में जलभराव होने की आशंका पर लोगों ने घरेलू सामान ऊंचे स्थानों पर रखना शुरू कर दिया है। बाढ़ में जानवर परेशान न हो। इसको लेकर जानवरों को अन्य स्थानों पर पहुंचाना शुरू कर दिया। नदी ने गांव चंदिया हजारा के समीप भूकटान तेजी से शुरू किया है। प्रधान बासुदेव कुंडू ने बताया कि नदी अभी जंगल काटती हुई खेतों की ओर बढ़ रही है। भूकटान में गांव निवासी शंभू का खेत नदी के निशाने पर आ गया है। अगर कटान शीघ्र नहीं रुका तब खेतों का कटना तय है। उधर, कॉलोनी नंबर छह में बह रहे एक नाला में पानी बढने से कॉलोनी के समीप खेतों और आबादी में जलभराव हो गया। नालों को ऊंचा करने को बृहस्पतिवार को गांव के कई लोग कारसेवा कर नालें के दोनों ओर मिट्टी से भरे कट्टे लगाने में जुटे रहे। प्रधान ने बताया कि नदी का जलस्तर बढने से बाढ़ की आशंका पर लोग दहशत में है। एसडीएम राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि बनवसा बैराज से नदी में बुधवार को 1.60 लाख क्यूसेक पानी रिलीज हुआ था। जो क्षेत्र से निकल गया है। बृहस्पतिवार को बुधवार की अपेक्षा कम और कई चरणों में पानी रिलीज हुआ है। क्षेत्र में पूरी नजर रखने के निर्देश हल्का लेखपालों को दिए गए है। बाढ़ के हालात अभी नहीं है।
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