फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जान जोखिम में डालकर सड़क पर दौड़कर युवा कर रहे भर्ती की तैयारी

विज्ञापन
विज्ञापन
बीसलपुर। तहसील क्षेत्र में स्टेडियम न होने और युवक मंगलदल के अधिकांश खेल मैदानों पर अवैध कब्जा होने के कारण सेना और पुलिस भर्ती की तैयारी में जुटे युवक जान जोखिम में डालकर सड़क पर दौड़ की तैयारी कर रहे हैं। खेल विभाग इस ओर से पूरी तरह से उदासीन बना हुआ है।
विज्ञापन

बीसलपुर तहसील जिले की सबसे पुरानी और बड़ी तहसील है। इस तहसील क्षेत्र में बीसलपुर, बिलसंडा, बरखेड़ा समेत तीन नगर और 478 गांव हैं। आवश्यकता के अनुसार इस तहसील मुख्यालय पर स्टेडियम होना बहुत जरूरी है। खेल विभाग, प्रशासन के अधिकारियों और राजनेताओं की अनदेखी के चलते तहसील क्षेत्र में स्टेडियम नहीं बनवाया गया, जिससे खेल प्रेमियों और सेना, पुलिस और पीएसी भर्ती की तैयार में जुटे युवकों को काफी दिक्कत हो रही है। भर्ती की तैयारी में जुटे युवक सड़क पर दौड़ लगा रहे हैं जिससे उनकी जान जोखिम में रहती है। सड़कों पर हर वक्त छोटे-बड़े वाहनों का आवागमन रहता है। आए दिन हादसे भी होते रहते हैं। लगाने वाले युवकों में काफी दहशत रहती है लेकिन कोई विकल्प न होने के कारण वे मजबूरी में सड़कों पर ही दौड़ लगा रहे हैं। इससे उन युवकों के परिजन भी चिंतित रहते हैं। गांवों में युवक मंगलदलों (क्रीड़ा स्थल) के अधिकांश खेल मैदानों पर अवैध कब्जा होने के कारण युवक इस्तेमाल नहीं कर पा रहे हैं। हालांकि क्षेत्र के जागरूक लोग खेल विभाग, प्रशासन के अधिकारियों और राजनेताओं का ध्यान इस ओर समय-समय पर आकर्षित कराते रहते हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही।
फौज में भर्ती के लिए रोजाना गांव के सामने से गुजर रहे बीसलपुर-पीलीभीत हाईवे पर सुबह और शाम दौड़ लगाता हूं। जबकि इस रोड पर 24 घंटे छोटे और भारी वाहन काफी तेजी से दौड़ते हैं। दौड़ लगाते समय ध्यान वाहनों से बचाव में लगा रहता है। - लवकुश गंगवार गांव परसिया।
विज्ञापन

पुलिस भर्ती के लिए रोजाना सुबह और शाम बीसलपुर- बिलसंडा हाइवे पर दौड़ लगाने जाता हूं। इस रोड पर बड़े पैमाने पर भारी वाहन काफी अनियंत्रित गति से दौड़ते हैं, जिनसे हर समय काफी डर लगा रहता है। डर के साए में दौड़ लगाता हूं। - प्रदीप पांडेय, मोहल्ला दुबे, बीसलपुर।
पीएसी में भर्ती के लिए रोजाना सुबह-शाम बीसलपुर-शाहजहांपुर हाईवे पर दौड़ लगाता हूं। रोड पर हर समय भारी वाहन काफी तेज गति से दौड़ते हैं, जिनसे बचना बहुत मुश्किल होता है। मजबूरी में दौड़ लगाता हूं। - सच्चिदानंद शंखधार, गांव बेरा।
अभी तक किसी ने स्टेडियम बनवाने की लिखित रूप से मांग नहीं की है। यदि लोग स्टेडियम बनवाने की लिखित मांग करेंगे तो उनके पत्र के अग्रसारित कर जिला क्रीड़ा अधिकारी को भेजा जाएगा। जिला क्रीड़ा अधिकारी द्वारा कहने पर स्टेडियम के लिए मुफ्त में जमीन भी उपलब्ध कराई जाएगी। - राकेश गुप्ता, एसडीएम बीसलपुर।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें