पीलीभीत। दलितों की राजनीति के रास्ते सूबे की गद्दी पर काबिज होने वाली बसपा अपना कैडर वोट बांधने में इस बार भी नाकाम रही। भाजपा की हवा में बसपा का वोट बैंक कहे जाने वाले दलित भी भगवा रंग में रंग गए। नतीजा रहा कि पार्टी को जिले की चारों सीटों पर महज 7.43 फीसदी वोट शेयर मिल सका जो पिछले चार विधानसभा चुनाव के मुकाबले 15.2 फीसदी घट गया। सबसे कम वोट शेयर बरखेड़ा में 3.97 फीसदी रहा।
दलितों की राजनीति करने वाली बसपा ने 2007 में सूबे में सरकार बनाई थी। उस चुनाव में बीसलपुर और पूरनपुर में जीत दर्ज की, लेकिन सदर और बरखेड़ा में हार मिली थी। इस चुनाव में बसपा का वोट शेयर जिले में 22.63 फीसदी रहा। सबसे ज्यादा वोट शेयर बीसलपुर में 31.99 फीसदी रहा था। साल 2007 के बाद बसपा वापसी के लिए लगातार संघर्ष कर रही है, लेकिन वापसी तो दूर पार्टी अपना कैडर वोट भी नहीं बचा सकी। इसकी सच्चाई 2012 के चुनाव में देख सकते हैं। बसपा का वोट शेयर 22.63 से लुढ़ककर 17.51 फीसदी रह गया। पार्टी को 5.12 फीसदी का नुकसान हुआ।
बीसलपुर में जो पिछले चुनाव में सबसे ज्यादा था वो इस बार 14.28 फीसद रह गया। हालांकि इसका कारण बना था अनीस अहमद खां का कांग्रेस से चुनाव लड़ना। गिरावट का सिलसिला 2017 के चुनाव में भी जारी रहा। इस बार बसपा को जिले की चारों सीटों पर कुल पड़े वोटों का सिर्फ 12.06 प्रतिशत रहा। पार्टी को 5.45 फीसदी तक का नुकसान हुआ। इस बार सबसे कम सदर में महज 5.81 फीसदी वोट शेयर रहा।
2022 के विधानसभा चुनाव में बसपा ने प्रदेश में महज एक सीट जीती है। जिले में चारों सीटों पर 7.43 प्रतिशत वोट शेयर हासिल किया। आंकड़ों के आधार पर कहा जा सकता है कि 2012 से बसपा का कैडर वोट खिसकने लगा। इसका फायदा भाजपा को मिला। जिले की बात करें तो सपा का वोट शेयर बढ़ा। बसपा का जो वोट कटा वो सीधे भाजपा में जुड़ा जिसका नतीजा हमारे सामने है। भाजपा ने लगातार दूसरी बार चारों सीटों पर कब्जा जमाया।
न समीकरण बिगाड़ने वाले प्रत्याशी उतारे और न आक्रामक प्रचार किया
बसपा चुनावी रण में एक अस्त्रहीन सेना की तरह नजर आई। न ऐसे प्रत्याशी उतारे जो बाकी दलों का चुनावी समीकरण बिगाड़ते और न आक्रामक प्रचार किया। बसपा का कोई बड़ा नेता भी प्रचार करने जिले में नहीं आया। पार्टी अपने समर्थकों में जोश भरने में नाकाम रही। उसका खुद का कैडर वोट नाखुश नजर आया। इसका असर परिणाम में देखने को मिला। चारों प्रत्याशी न केवल हारे बल्कि पिछले चुनाव के मुकाबले वोट शेयर भी घटा बैठे। सबसे कम वोट शेयर बरखेड़ा में 3.97 फीसद रहा।
पिछले चार चुनाव में जिले में बसपा का वोट शेयर
वर्ष 2007 जब प्रदेश में बसपा ने सरकार बनाई
सदर-18.08
पूरनपुर-28.33
बीसलपुर-31.99
बरखेड़ा- 12.14
ओवरऑल - 22.63
वर्ष 2012 में वोट शेयर
सदर-25.48
पूरनपुर-15.10
बीसलपुर-14.28
बरखेड़ा- 15.19
ओवरऑल -17.51
वर्ष 2017 में वोट शेयर
सदर-5.81
पूरनपुर-8.23
बीसलपुर-20.55
बरखेड़ा- 13.68
ओवरऑल -12.06
वर्ष 2022 में वोट शेयर
सदर- 4.65
पूरनपुर-6.02
बीसलपुर-15.09
बरखेड़ा- 3.97
ओवरऑल -7.43