पीलीभीत। वर्षों से सीमित संसाधनों में जिलेभर के मरीजों की आंखों का इलाज कर रहे शहर के चैरिटेबल सीतापुर आंख अस्पताल की तस्वीर अब बदलने जा रही है। प्रदेश के चुनिंदा चैरिटी अस्पतालों में शामिल होने के बाद अस्पताल का व्यापक कायाकल्प शुरू होने जा रहा है। भवन की मरम्मत से लेकर आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की स्थापना तक का कार्य कराने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी है। जल्द ही मरीजों को अब फेकोलेंस से मोतियाबिंद का तक सफल ऑपरेशन की सुविधा मिलेगी।
शहर के स्टेशन चौराहा के निकट स्थित सीतापुर आंख अस्पताल की प्रदेशभर में 32 शाखाएं हैं, जो कि ट्रस्ट के माध्यम से संचालित होती है। वर्ष 2021 से सीतापुर आंख अस्पताल को सरकारी अनुदान मिलना बंद हो गया, तब से अपनी वित्तीय समस्याओं से जूझ रहे आंख अस्पताल में मरीजों के परामर्श के बाद उपचार, दवाएं आदि तक के लिए दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। हाल ही में प्रदेश के चैरिटेबल अस्पतालों के कायाकल्प की सूची में गन्ना विभाग की ओर से पीलीभीत के सीतापुर आंख अस्पताल को भी शामिल किया गया है। इसके बाद स्थानीय स्तर पर डीएम की अध्यक्षता व जिला गन्ना अधिकारी के बतौर सचिव अस्पताल की बैठक की गई व समस्याएं सुनी गईं। जिसमें अस्पताल का बिजली खर्च कम करने, मरीजों के फेकोलेंस से मोतियाबिंद के ऑपरेशन करने, मरम्मत वाले हिस्से में भवन का जीर्णोद्धार आदि विषय पर चर्चा की गई। सभी पर सहमति के बाद डीएम ज्ञानेंद्र सिंह ने सभी बिंदुओं पर कार्य करने के लिए सीडीओ सतीश प्रसाद मिश्र को निर्देश दिए। इसमें सीतापुर आंख अस्पताल में नगर पालिका के माध्यम से 10 केवी के सोलर पैनल, फेको मशीन की खरीद व भवन के मरम्मत कार्य 27 लाख की मंजूरी भी बनी। सभी विकास कार्यों को लेकर डीपीआर तैयार कर गन्ना विभाग को सौंपने की तैयारी की जा रही है। मरीजों को भी आधुनिक उपचार का लाभ स्थानीय स्तर पर ही मिल सकेगा। अस्पताल के चिकित्साधिकारी डॉ. एनके बालियान ने बताया, हाल ही में हुई बैठक के बाद जो भी विकास कार्य कराने के निर्देश मिल हैं, उनके लिए पत्र गन्ना विभाग को प्रस्ताव के माध्यम से लिखा जा रहा है।