पतंग की दुकान पर चाइनीज मांझे को तलाश करते पुलिसकर्मी। स्रोत पुलिस
पीलीभीत। चाइनीज मांझे की तलाश में दुकानें खंगाल रही सुनगढ़ी और कोतवाली पुलिस के हाथ खाली हैं, मगर पतंगबाज 300 से 350 रुपये में चाइनीज मांझे की रील खरीद रहे हैं। पार्कों और गलियों में दिखने वाले अधिकांश पतंगबाजों के पतंग की डोर चाइनीज ही दिखती है। शहर में कई पेड़ों और सड़कों पर भी पतंग के साथ कटा चाइनीज मांझा पड़ा दिख रहा है। हालांकि मुख्यमंंत्री की सख्ती के बाद पुलिस ने भी अभियान तेज कर दिया है।
आमजन के साथ पक्षियों के लिए घातक साबित हो रहे चाइनीज मांझे की बिक्री पर पूर्व से ही रोक लगी है। पुलिस व प्रशासन स्तर से अभियान चलाकर चेकिंग भी जा रही थी, लेकिन दुकानदार चोरी-छिपे चाइनीज मांझे की बिक्री करने से बाज नहीं आ रहे थे। हाल ही में शहर में चाइनीज मांझे की चपेट में आकर दो लोगों के घायल होने की घटना भी सामने आई। इधर दो दिन पूर्व लखनऊ में चाइनीज मांझे की चपेट में आकर एक युवक की मौत की घटना का मुख्यमंत्री ने संज्ञान लिया। मुख्यमंत्री की सख्ती के बाद जिले में भी पुलिस अलर्ट हो गई, लेकिन शहर में चाइनीज मांझे की बिक्री का खेल अभी चोरी-छिपे जारी है। लाल रोड, सुनगढ़ी इलाके में चोरी-छिपे 350 रुपये तक की चाइनीज मांझे की रील बेची जा रही है। संवाद
विभिन्न इलाकों में मारा छापा
शुक्रवार को कोतवाल सत्येंद्र कुमार और इंस्पेक्टर सुनगढ़ी नरेश त्यागी ने टीम के साथ शहर के विभिन्न इलाकों में पतंग की दुकान और गोदामों पर छापा मारा। चाइनीज मांझे की तलाश की, लेकिन कहीं से प्रतिबंधित मांझा बरामद नहीं हो सका। दुकानों को कानून का हवाला देते हुए किसी भी हालत में चाइनीज मांझे की बिक्री न करने की चेतावनी दी गई। एएसपी विक्रम दहिया ने बताया कि जिले भर में नियमित चेकिंग के निर्देश जारी किए गए हैं।