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छात्राएं बने स्वावलंबी, किसी पर न रहें आश्रित

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संस्कृति। - फोटो : PILIBHIT
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बीसलपुर। राजकीय महाविद्यालय की एनसीसी ऑफिसर डॉ. अलका मेहरा ने कहा कि छात्राएं स्वावलंबी बने और किसी पर आश्रित न रहे।
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डॉ. अलका मेहरा ने शनिवार को कैम स्कलर्स स्कूल में अमर उजाला फाउंडेशन की अनूठी पहल अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि कहा कि छात्राएं डर छोड़कर हिम्मत से काम लें। छात्राएं बिना डरे मुसीबत का सामना करें। छात्राएं अपना भविष्य स्वयं सुनिश्चित कर लें कि उन्हें क्या बनना है। यह बात वह हर समय अपने जहन में रखे। छात्राएं ऊंचे-ऊंचे ओहदों पर पहुंचकर कॉलेज, बीसलपुर और जिले का नाम रोशन करें। इसी में उनकी पढ़ाई की सार्थकता सिद्ध होगी। कार्यक्रम में राजकीय महाविद्यालय की अंडर एनसीसी ऑफिसर रितू अहिलावत ने बतौर विशिष्ट अतिथि कहा कि छात्राएं आत्मरक्षा के लिए जूडो, कराटे अवश्य सीखें। महाविद्यालय में प्रवेश लेते समय एनसीसी भी अवश्य लें। स्कूल के डायरेक्टर राजेश अग्रवाल ने कहा कि छात्राएं किसी भी मायने में छात्रों से कम नहीं हैं। देश की तमाम बेटियों ने ऊंचे-ऊंचे पदों पर पहुंचकर नारी जाति का सम्मान बढ़ाया है। स्कूल की प्रबंधक मनीषा अग्रवाल ने कहा कि छात्राओं को विपरीत परिस्थितियों में अपराजिता बनकर दिखाना है। बेटियां मील का पत्थर होती हैं। स्कूल के प्रधानाचार्य एलपी श्रीवास्तव ने छात्राओं से कहा कि विपरीत परिस्थितियों को अपने हिसाब से अपने अनुकूल बनाने का जज्बा रखें। उप प्रधानाचार्य सुनीता मित्तल ने कहा कि छात्राओं को आज ही हर क्षेत्र में अपराजिता बनने का संकल्प लेना चाहिए। स्कूल की प्रवक्ता स्वाति गुप्ता ने कहा कि नारी अथाह शक्ति का भंडार है। उसे अपनी शक्ति को सकारात्मक रूप में इस्तेमाल करना चाहिए। कार्यक्रम में अंशिका, अनुष्का, निधि गंगवार, वर्णिका गुप्ता, संस्कृति आदि छात्राओं ने भी विचार रखे। कार्यक्रम की अध्यक्षता राजेश अग्रवाल ने और संचालन मुकेश गुप्ता ने किया।
मुख्य अतिथि ने छात्राओं को दिलाई शपथ
मुख्य अतिथि डॉ. अलका मेहरा ने कार्यक्रम में मौजूद छात्राओं को प्रत्येक स्थिति में नारी गरिमा बनाए रखने, विपरीत परिस्थितियों में धैर्य से काम लेने, ऊंचे ओहदों पर पहुंचकर कॉलेज और जिले का नाम रोशन करने की शपथ दिलाई।
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छात्राओं ने मुख्य अतिथि से पूछे यह सवाल
- एनसीसी में भर्ती कैसे होती है।
- उच्च शिक्षा विभाग में नौकरी कैसे मिल पाती है।
- एनसीसी ऑफिसर कैसे बन पाएंगे।
- एनसीसी के प्रमाण पत्रों से किन-किन विभागों में नौकरी मिलने में लाभ मिल पाता है।
- राजकीय महाविद्यालय के प्राध्यापकों का वेतन कितना होता है।
- राजकीय महाविद्यालय के प्राध्यापकों की प्रोन्नति किन-किन पदों पर हो सकती है।
- राजकीय महाविद्यालय के प्राध्यापकों को विभाग से क्या-क्या सुविधाएं मिलती हैं।
अपराजिता कार्यक्रम से छात्राओं को काफी बल मिला है। अन्य सामाजिक संस्थाओं को भी इस प्रकार के कार्यक्रम करने चाहिए। - अंशिका, छात्रा कक्षा 11
छात्राएं किसी भी मायने में छात्रों से कम नहीं हैं। यह बात सभी छात्राएं जानती हैं। अपराजिता कार्यक्रम ने इस सत्यता पर मोहर लगा दी है। - अनुष्का, छात्रा कक्षा 10
इस अपराजिता कार्यक्रम ने छात्राओं का हौसला काफी बढ़ाया है। इससे आगे बढ़ने में मदद मिलेगी। इसके लिए अमर उजाला परिवार बधाई का पात्र है। आरुषि, छात्रा कक्षा 11
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अपराजिता कार्यक्रम से छात्राओं को काफी महत्वपूर्ण जानकारी मिली हैं। यह जानकारियां छात्राओं के जीवन में काफी उपयोगी सिद्ध होगी। - संस्कृति, छात्रा कक्षा नौ

आरूषी।- फोटो : PILIBHIT

अंशिका।- फोटो : PILIBHIT

अनुष्का।- फोटो : PILIBHIT

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