बीसलपुर। पीलीभीत से बीसलपुर की ओर जा रहे पत्थर लदे ट्रक के पलटने से जोगीठेर के पास सड़क के किनारे टहल रहे दो सगे भाई कासिम (12) और राशिद (09) दब गए। जिससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। क्रेन से ट्रक हटाया गया तब बच्चों के शव निकाले जा सके। घटना से गुस्साए लोगों ने जाम लगा दिया। पुलिस के समझाने से जाम खुला। चालक ट्रक छोड़कर भाग गया। पुलिस ने ट्रक को अपने कब्जे में ले लिया है।
कोतवाली क्षेत्र के गांव जोगीठेर निवासी सोनी बेगम ने बताया कि उनके पिता इबरार शाह का निधन कई वर्ष पहले हो चुका है। उनकी मां किशवरी बेगम और उनके भाई इस्लाम, आसिफ और असलम तीनों कश्मीर में एक ईंट भट्ठे पर मजदूरी करते हैं। जबकि दो छोटे भाई नौ वर्षीय राशिद और 12 वर्षीय कासिम मेरे साथ घर पर ही रहते हैं। दोनों गांव के प्राथमिक विद्यालय में क्रमश: कक्षा तीन और पांच में पढ़ते हैं। राशिद और कासिम रोज की तरह मंगलवार को सुबह छह बजे गांव के बीच से गुजर रहे बीसलपुर-पीलीभीत हाईवे के किनारे पर टहल रहे थे। गांव में ही पूर्व माध्यमिक विद्यालय के पास पीलीभीत की ओर से आ रहे तेज रफ्तार पत्थर लदे ट्रक का संतुलन बिगड़ गया। ट्रक सड़क के पश्चिम साइड में पलट गया। उस समय दोनों बच्चे वहीं पर थे। ट्रक से दबकर दोनों बच्चों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। हादसा होते ही चालक खेतों से होते हुआ भाग गया। उधर से गुजर रहे गांव के कुछ लोगों ने दोनों बच्चों को ट्रक के नीचे दबते हुए देख लिया था। जरा सी देर में यह बात पूरे गांव में फैल गई और मौके पर भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलने पर कोतवाल नरेश त्यागी पुलिस बल लेकर मौके पर पहुंच गए। पुलिस द्वारा मंगाई गई क्रेन से काफी देर बाद ट्रक को हटाकर मृत बच्चों को बाहर निकाला गया। पुलिस ने एंबुलेंस से बच्चों के शवों को तत्काल पीलीभीत भेज दिया।
एंबुलेंस में नहीं बैठने दिया तो भड़के परिजन और ग्रामीणों ने लगाया जाम
परिजन भी उसी एंबुलेंस से जाना चाहते थे, जिससे बच्चों को अस्पताल भेजा गया लेकिन एंबुलेंस चालक ने परिजनों को बैठने नहीं दिया। परिजनों और ग्रामीणों ने इसे पुलिस की चाल मानते हुए पुलिस से कड़ी नाराजगी जताई। उसके बाद क्षुब्ध ग्रामीणों ने पुलिस के विरोध में प्रदर्शन, नारेबाजी करते हुए चक्का जाम कर दिया और कुछ देर के लिए रोड पर धरना भी दिया। इस बीच पुलिस ने ग्रामीणों को समझाने का काफी प्रयास किया लेकिन ग्रामीण चक्का जाम खत्म करने को सहमत नहीं हुए। ग्रामीणों की पुलिस कर्मियों से नोकझोंक और धक्का मुक्की भी हुई। उसके बाद पुलिस ने दूसरी एंबुलेंस मंगाकर परिजनों को पीलीभीत भेजने का बंदोबस्त कर दिया, तभी ग्रामीणों ने लगभग नौ बजे चक्का जाम खत्म कर दिया। करीब दो घंटे ट्रैफिक जाम रहा। जाम में फंसे लोगों को काफी दिक्कत हुई। सीओ प्रशांत सिंह ने भी मौके पर पहुंचकर मामले की जानकारी ली। पुलिस ने ट्रक कब्जे में ले लिया है।
बरखेड़ा पुलिस रही बेखबर
जोगीठेर के घटना स्थल से बरखेड़ा थाना मात्र छह किलोमीटर दूर है। घटनास्थल पर घंटों हंगामा, प्रदर्शन, चक्का जाम होता रहा लेकिन बरखेड़ा पुलिस को इसकी जानकारी भी नहीं लग पाई। कोतवाल नरेश त्यागी समझाने में ही लगे रहे, जिसके कारण वह उच्चाधिकारियों को सूचना भी नहीं दे पाए। यही वजह रही कि पुलिस और प्रशासन को कोई अधिकारी मौके पर नहीं आ पाया था। जाम खत्म होने पर किसी तरह सूचना मिलने पर बरखेड़ा पुलिस और सीओ प्रशांत सिंह मौके पर पहुंचे।
जाम खत्म होने के बाद भी तैनात रही पुलिस
जोगीठेर में जाम खत्म होने के बाद भी पुलिस दिन भर रोड पर तैनात रही। दरअसल पुलिस को आशंका थी कि ग्रामीण कहीं दोबारा आकर जाम न लगा दें। कई घंटे तक जब ग्रामीण दोबारा मौके पर नहीं आए, तब कही जाकर पुलिस ने राहत की सांस ली।
राशिद को खींचकर ले गई उसकी मौत
जोगीठेर निवासी सोनी बेगम ने बताया कि कासिम रोजाना अकेले ही टहलने जाता था। मंगलवार को कासिम ने अपने भाई राशिद को भी अपने साथ ले जाने को राजी कर लिया था। राशिद हंसी खुशी कासिम के साथ चला भी गया था। यदि राशिद न जाता तो वह बच जाता। सभी की जुबान पर था कि राशिद को उसकी मौत खींचकर ले गई।
तहरीर न मिल पाने के कारण पुलिस ने अभी इस संबंध में रिपोर्ट दर्ज नहीं कर पाई है। कश्मीर के ईंट भट्ठे पर मजदूरी कर रहे मृतकों के परिजनों को फोन से सूचना दे दी गई है। वे लोग कश्मीर से रवाना हो गए हैं।
- नरेश त्यागी, कोतवाल
कासिम फाइल फोटो।- फोटो : PILIBHIT
बीसलपुर के गांव जोगीठेर में घटनास्थल पर लगी भीड़। संवाद- फोटो : PILIBHIT