पीलीभीत। बदायूं का सांसद बताकर एक व्यक्ति ने डीएम को फोन कर ग्राम पंचायत अधिकारी का स्थानांतरण निरस्त कराने की सिफारिश की। शक होने पर डीएम ने सांसद से वार्ता की मामला फर्जी निकाला। इस पर डीएम ने संबंधित नंबर की जांच और संबंधित ग्राम पंचायत अधिकारी को सस्पैंड कराने के आदेश दिए हैं।
बुधवार को जिलाधिकारी ओम नरायन सिंह अपने कार्यालय में बैठे थे। इस दौरान उनके मोबाइल पर एक फोन आया। फोनकर्ता ने खुद को बदायूं सांसद धर्मेन्द्र यादव का ओएसडी बताते हुए कहा की सांसद जी बात करना चाहते हैं। कुछ पल बाद उसने फोन किसी दूसरे व्यक्ति को दे दिया। खुद को सांसद धर्मेन्द्र यादव बताते हुए फोनकर्ता ने पिछले दिनों पूरनपुर से स्थानांतरण किए गए ग्राम पंचायत अधिकारी का तबादला निरस्त करने की सिफारिश की। फोन कटने के बाद डीएम को कुछ शक हुआ। उन्होंने सांसद के पीआरओ को फोन कर सांसद धर्मेन्द्र यादव से बात की तो वह भी हैरान रह गए। डीएम को माजरा समझते देर न लगी। उन्होंने संबंधित फोन नंबर की जांच को उसे पुलिस अधीक्षक कार्यालय भेज दिया। साथ ही संबंधित ग्राम पंचायत को सस्पेंड करने का आदेश किया।
ग्राम पंचायत अधिकारी ने अपना ट्रांसफार्मर रुकवाने को किसी के माध्यम से सांसद बनकर फोन किया था। फोन नंबर की जांच की जा रही है। ग्राम पंचायत अधिकारी को सस्पेंड कर दिया गया है।
ओम नरायन सिंह, डीएम-पीलीभीत।