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गन्ना तौल के लिए पर्चियां नहीं मिलने से 75 हजार किसान परेशान

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बीसलपुर के गांव चठिया के एक खेत में तैयार खड़ा गन्ना। संवाद - फोटो : PILIBHIT
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बीसलपुर। तहसील क्षेत्र के 75 हजार किसानों को गन्ने की तौल के लिए पर्चियां नहीं मिल पा रही हैं। जबकि उनके खेतों में पौधा वाला गन्ना पककर तैयार हो गया है। पर्चियां न मिलने से तमाम किसान गेहूं की बुआई नहीं कर पा रहे हैं। जिला गन्ना अधिकारी का कहना है कि अभी पूरी जनवरी इंतजार करना पड़ेगा। फरवरी में पर्ची जारी होंगी।
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गन्ना विभाग के अभिलेखों के अनुसार तहसील क्षेत्र में 75 हजार गन्ना किसान ऐसे हैं जिनके पास पेड़ी और पौध दोनों तरह का गन्ना था। पेड़ी के लिए तो इन्हें आपूर्ति पर्ची दी गई लेकिन पौध के लिए पर्ची नहीं दी गई जिससे वह खेत खाली करके गेहूं की बुआई नहीं कर पा रहे हैं। किसान रोजाना संबंधित चीनी मिलों और गन्ना समिति के चक्कर लगाते हैं। घंटों भटकने के बाद मायूस होकर लौट जाते हैं। काफी किसान ऐसे हैं, जो पौधा गन्ना चीनी मिल को आपूर्ति करने के बाद उन खेतों में गेहूं बोना चाहते हैं लेकिन पर्ची न मिल पाने के कारण वे पौधा गन्ना चीनी मिलों को आपूर्ति नहीं कर पा रहे हैं। इस वजह से उनकी गेहूं की बुआई काफी लेट हो रही है। (संवाद)
क्या होता है पौध वाला गन्ना
जब कोई किसान पहले वर्ष गन्ने की पौध लगाकर गन्ना तैयार करता है तो उसे पौध वाला गन्ना कहते हैं। अगले वर्ष में यही गन्ना जब होता है तो उसे पेड़ी वाला गन्ना कहते है।
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दो एकड़ में गन्ना खड़ा है, जो पककर बिल्कुल तैयार हो गया है। इन खेतों में गेहूं बोना चाहते हूं लेकिन गन्ने की पर्चियां न मिल पाने के कारण वह ऐसा नहीं कर पा रहे हैं। पर्चियां प्राप्त करने के लिए पिछले एक सप्ताह से गन्ना समिति के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो पा रही है। - शरदपाल सिंह, किसान, गांव खांडेपुर
ढाई एकड़ क्षेत्रफल में खड़ा पौधा गन्ना पककर बिल्कुल तैयार हो गया है। खेत में गेहूं बोना चाहते हैं, लेकिन पर्चियां न मिलने से वह ऐसा नहीं कर पा रहे हैं। पिछले डेढ़ सप्ताह से पर्चियां प्राप्त करने के लिए संबंधित अधिकारियों के संपर्क में हैं, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकल पा रहा है। - अवनीश त्रिगुणायत, किसान, गांव चठिया सेवाराम
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गन्ना आयुक्त के निर्देश पर पहली फरवरी से हर हालत में किसानों को पर्ची जारी होना शुरू हो जाएंगी।
- जितेंद्र मिश्रा, जिला गन्ना अधिकारी पीलीभीत
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