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अब स्कूल खोलना होगा महंगा, शासन ने मानक व शर्तो में किया फेरबदल

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पीलीभीत। बेसिक शिक्षा विभाग से अशासकीय प्राइवेट स्कूलों की मान्यता लेना अब खासा महंगा होगा। शासन ने निजी स्कूलों की मान्यता के मानकों और शर्तों में फेरबदल कर दिया है। इस संबंध में विशेष सचिव देव प्रताप सिंह की ओर से आदेश जारी गया गया है। नए शासनादेश के मुताबिक मान्यता के लिए निजी भवन होना जरूरी है। मान्यता शुल्क, सिक्योरिटी मनी और लाइब्रेरी शुल्क में खासी बढ़ोत्तरी की गई है।
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जिले में शिक्षा देने के नाम पर शहर-कस्बों में बड़े पैमाने पर प्राइवेट स्कूल संचालित हैं। इनमें तमाम स्कूल किराए के भवनों में चल रहे है। यहां पढ़ाने के लिए शैक्षिक माहौल भी नहीं है। कुछ माह पहले अधिकारियों ने मान्यता और बगैर मान्यता के चल रहे स्कूलों की पड़ताल की थी, तब स्कूलों में बड़ी खामियां प्रकाश में आई थीं। जांच में पता चला कि कई स्कूलों की मान्यता अवधि ही समाप्त हो चुकी है, फिर स्कूल संचालित है। ऐसे स्कूलों के खिलाफ रिपोर्ट शासन को भेजी गई थी।
इधर, शासन ने प्राइमरी और उच्च प्राइमरी स्कूलों की मान्यता के मानकों और शर्तों का पुन: निर्धारण किया है। शासन से जारी आदेश के मुताबिक अब स्कूल की मान्यता के लिए निजी भवन होना जरूरी है। प्राइवेट स्कूलों के लिए मान्यता सिर्फ एक साल के लिए दी जाएगी। अभी तक मान्यता तीन वर्ष तक की होती थी। प्राइमरी स्कूल की मान्यता के लिए जमानत राशि के लिए एक लाख रुपये देने होंगे। जबकि पहले इसके लिए केवल पांच हजार रुपये देने होते थे।
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नवीन शासनादेश के तहत अब सभी स्कूलों की मान्यताएं होंगी। मान्यता एक साल के लिए अस्थाई तौर पर जारी की जाएगी।
शिवेंद्र कुमार वर्मा, प्रभारी बीएसए

जमानत राशि में हुआ बदलाव
शुल्क अब पहले
जमानत राशि (प्राइमरी)- एक लाख रुपये पांच हजार रुपये
जमानत राशि (उच्च प्राइमरी) डेढ़ लाख रुपये 25 हजार रुपये
लाइब्रेरी शुल्क (प्राइमरी) 10 हजार रुपये 5 से 25 हजार तक
लाइब्रेरी शुल्क (उच्च प्राइमरी) 15 हजार रुपये 5 से 25 हजार तक
मान्यता शुल्क (प्राइमरी) दो हजार रुपये 10 हजार रुपये
मान्यता शुल्क (उच्चप्राइमरी) तीन हजार रुपये 15 हजार रुपये
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