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UP Election Result 2022: कौन हैं डॉ. पल्लवी पटेल जिन्होंने यूपी के डिप्टी सीएम केशव मौर्य को हराया, जानिए कैसे जीत तक पहुंचीं?

Thu, 10 Mar 2022 11:14 PM IST
हिमांशु मिश्रा इलेक्शन डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

जब समाजवादी पार्टी ने पल्लवी पटेल को कौशांबी के सिराथू सीट से प्रत्याशी बनाया था, तब डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने उन्हें छोटी बहन बताया था।  
 
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पल्लवी पटेल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य कौशांबी के सिराथू सीट से चुनाव हार गए हैं। करीब सात हजार मतों से उन्हें समाजवादी पार्टी की प्रत्याशी डॉ.पल्लवी पटेल ने शिकस्त दे दी। पल्लवी अपना दल (कमेरावादी) प्रमुख कृष्णा पटेल की बड़ी बेटी हैं। 
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पल्लवी को जब सिराथू से उम्मीदवार बनाया गया था, तब केशव प्रसाद मौर्य ने प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कहा था, 'पल्लवी मेरी छोटी बहन जैसी हैं। सिराथू क्षेत्र में पल्लवी का बहन के रूप में स्वागत हो सकता है, लेकिन प्रत्याशी के तौर पर सेंध लगाना उनके बस की बात नहीं है।' खैर, अब पल्लवी ने बड़े भाई यानी केशव मौर्य की सीट पर न केवल सेंध लगाया,, बल्कि मात भी दे दी है। आइए हम आपको बताते हैं कि डिप्टी सीएम को कड़े मुकाबले में पराजित करने वाली डॉ. पल्लवी कौन हैं? 

मोदी सरकार में मंत्री अनुप्रिया पटेल की बड़ी बहन हैं पल्लवी

पल्लवी पटेल और अनुप्रिया पटेल - फोटो : अमर उजाला
पल्लवी की बहन अनुप्रिया पटेल हैं, जो अपना दल (सोनेलाल) की प्रमुख हैं। वे पल्लवी से एक साल छोटी हैं। पल्लवी ने बायो-टेक्नोलॉजी में स्नातक करने के बाद सब्जियों और फलों के फंगस पर डॉक्टरेट किया है। 2008 में पल्लवी ने राजनीति में कदम रखा। शुरुआत में सोनेलाल पटेल के सहयोगी के रूप में काम करना शुरू किया। पिता के निधन के बाद पल्लवी की मां कृष्णा पटेल पार्टी की अध्यक्ष बनीं। उनकी बहन अनुप्रिया पार्टी की महासचिव बनीं। वहीं, पल्लवी भी राजनीति में सक्रिय रहीं।  

उपाध्यक्ष बनाए जाने का बहन ने किया विरोध
2014 में अपना दल अध्यक्ष कृष्णा पटेल ने पल्लवी को पार्टी का उपाध्यक्ष बनाया। पल्लवी को उपाध्यक्ष बनाए जाने का विरोध उनकी छोटी बहन अनुप्रिया पटेल ने किया। अनुप्रिया का आरोप था कि पार्टी के संविधान में उपाध्यक्ष का कोई पद नहीं है, इसलिए पल्लवी की नियुक्ति असंवैधानिक है। पार्टी में अनुप्रिया और कृष्णा पटेल गुट में विवाद बढ़ता गया। मामला चुनाव आयोग तक पहुंचा। 2016 में पार्टी दो धड़े में बंट गई। 

 
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सोनेलाल परिवार का एक धड़ा भाजपा तो दूसरा अखिलेश के साथ

अनुप्रिया पटेल और उनके पति आशीष पटेल के गुट वाले धड़े की पार्टी अपना दल (सोनेलाल) है। वहीं, कृष्णा और पल्लवी पटेल वाले धड़े की पार्टी अपना दल (कमेरावादी) है। अनुप्रिया पटेल की पार्टी इस चुनाव में भाजपा के साथ थी। वहीं, कृष्णा पटेल की पार्टी इस चुनाव में समाजवादी पार्टी के साथ थी। जहां तक पल्लवी की बात है तो पल्लवी 2017 तक पार्टी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रहीं। इस वक्त वो पार्टी की राष्ट्रीय कार्यवाहक हैं। 

पल्लवी के पति फूलपुर से लड़ चुके हैं लोकसभा चुनाव
पल्लवी के पति पंकज निरंजन पटेल भी पार्टी में सक्रिय हैं। 2019 में पल्लवी की पार्टी का कांग्रेस के साथ गठबंधन था। कांग्रेस ने उनके पति पंकज पटेल को फूलपुर से टिकट दिया है। पंकज को इस चुनाव में 32 हजार से ज्यादा वोट मिले थे। वे भाजपा और सपा उम्मीदवार के बाद तीसरे नंबर पर रहे थे।

छोटी बहन ने पल्लवी पर संपत्ति हड़पने के आरोप लगाए थे
सोने लाल पटेल की सबसे छोटी बेटी अमन पटेल ने पिछले साल अक्तूबर में उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखकर सबसे बड़ी बहन पल्लवी पटेल पर पिता की संपत्ति हड़पने का आरोप लगाया था। अमन ने मां कृष्णा पटेल को सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग भी की थी। अमन ने बड़ी बहन पल्लवी, उनके पति पंकज और मां कृष्णा पर अनर्गल दबाव बनाने का भी आरोप लगाया था। अमन ने 2021 में प्रयागराज में एक सभा के दौरान पल्लवी पटेल को राजनीतिक उत्तराधिकारी घोषित किए जाने को जबरदस्ती लिया गया फैसला करार दिया था।  

मां ने किया था छोटी बेटी के आरोपों का खंडन
छोटी बेटी अमन के आरोपों का उनकी मां कृष्णा पटेल ने खंडन किया था। उन्होंने अपने दामाद आशीष पटेल यानी अनुप्रिया पटेल के पति और भाजपा पर परिवार में फूट डालने का आरोप लगाया था। अमन की मां ने कहा था कि ट्रस्ट में चारों बेटियों का नाम है, अमन नादान है। उसने जो कुछ लिखा है, वह आशीष और भाजपा की भाषा है।
 
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