सरकारी पैसे पर बनने वाले घरों में सरकारी डिजाइन में हेरफेर करना गलत माना जाता रहा है। मगर गांव के गरीबों के लिए बनने वाला लोहिया ग्रामीण आवास इस मायने में हटकर होगा। सरकार ने इस योजना में कुछ शर्तों के साथ मकान मालिक के हिसाब से आवास बनाने की छूट दे दी है।
प्रदेश सरकार ने गांव के आम गरीबों के लिए शुरू की गई लोहिया ग्रामीण आवास योजना के अंतर्गत दो कमरों का आवास न्यूनतम 21.11 वर्ग मीटर में बनाने की योजना बनाई है। इसके लिए ब्लाक स्तर पर नियुक्त तकनीकी स्टाफ चयनित लाभार्थी की जमीन पर लेआउट बनाएगा। मगर शासनादेश में स्पष्ट किया गया है कि घर के आंतरिक लेआउट (कमरों के आकार आदि) में लाभार्थी की इच्छानुसार बदलाव किया जा सकेगा। हां, कमरे दो जरूर रहेंगे।
ग्राम्य विकास विभाग के अधिकारी बताते हैं कि इंदिरा आवास योजना के लाभार्थियों की आमतौर पर फीडबैक रहा है कि जो घर उसके लिए बनाया गया, उसमें उसकी पसंद की कोई जगह नहीं रही। ऐसे में तय किया गया कि इस योजना में लाभार्थी को घर के अंदरूनी हिस्से का निर्माण अपने मन के हिसाब से करने की छूट दे दी जाए। इससे उनमें अपने घर का एहसास हो सकेगा।
हर घर में लाइट, पांच साल तक नो टेंशन
प्रदेश सरकार लोहिया ग्रामीण आवास योजना में हर घर को सोलर लाइट के लिए 15 हजार रुपये का अनुदान देगी। घरों को सोलर लाइट से जगमग कराने की जिम्मेदारी वैकल्पिक ऊर्जा विभाग के माध्यम से नेडा द्वारा पूरी कराई जाएगी। साथ ही सोलर लाइट के नियमित रखरखाव और देखरेख के लिए पांच साल की वारंटी के साथ मेंटेनेंस को लेकर कांट्रैक्ट किया जाएगा।
सोलर लाइट के प्रकाश में किसी तरह की मुश्किल आने पर लाभार्थियों की सुविधा के लिए नेडा द्वारा एक कॉल सेंटर स्थापित किया जाएगा। इस कॉल सेंटर पर आने वाली सूचनाओं पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
एक रंग में नजर आएंगे आवास
ग्रामीण लोहिया आवास बिलकुल एक रंग में नजर आएंगे। सरकार ने आवासों की पुताई सफेद रंग से और किनारों की लाल रंग से करने को कहा है। इसके अलावा हर घर पर एक शिलापट्ट (टाइल) लगाई जाएगी, जिस पर योजना का नाम, लाभार्थी का नाम, निर्माण वर्ष दर्ज होगा।