उत्तर प्रदेश में 30 हजार से ज्यादा आबादी वाले 168 नगरों के उपभोक्ता अब ऑनलाइन अपने बिजली बिल की स्थिति देख सकेंगे। यही नहीं उपभोक्ता ऑनलाइन बिजली बिल का भुगतान भी कर सकेंगे।
यहां पुनरीक्षित त्वरित विद्युत विकास एवं सुधार कार्यक्रम (आरएपीडीआरपी) लागू कर दिया गया है। शासन का मानना है कि इसके लागू हो जाने के बाद बिजली चोरी पर प्रभावी अंकुश लगेगा।
यह योजना दो चरणों में लागू की जा रही है। पहले चरण में उपभोक्ताओं को स्वयं अपने बिलिंग स्टेटस की जानकारी एवं बिल का भुगतान ऑनलाइन करने की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
इसके अलावा उपभोक्ता सेवा केंद्र के माध्यम से उपभोक्ताओं की बिजली संबंधी समस्याओं के त्वरित निराकरण की सुविधा उपलब्ध होगी।
योजना के दूसरे चरण में लाइनों व ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि और आवश्यकतानुसार नई लाइनें व ट्रांसफार्मरों की व्यवस्था की जाएगी। बिजली चोरी रोकने के लिए एरियल बंच कंडक्टर (इंसुलेटेड तार) व नए मॉडल के इलेक्ट्रॉनिक मीटर भी लगाए जाएंगे।
इस योजना से पश्चिमांचल निगम मेरठ के 51 नगर, दक्षिणांचल आगरा के 36, मध्यांचल लखनऊ के 42 और पूर्वांचल वाराणसी के 26 नगर लाभान्वित होंगे। योजना पर लगभग पांच हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे।
यह जानकारी मुख्य सचिव जावेद उस्मानी ने शुक्रवार को शास्त्री भवन स्थित अपने कार्यालय में विकास एजेंडा के अंतर्गत आरएपीडीआरपी की समीक्षा के दौरान दी।