महामाया और गौतम बुद्ध टेक्निकल यूनिवर्सिटी (एमटीयू-जीबीटीयू) के एमबीए कॉलेजों की हालत बेहद खराब है।
उत्तर प्रदेश में संचालित 422 एमबीए कॉलेजों में दाखिले के लिए हुई यूपी राज्य प्रवेश परीक्षा (एसईई) की काउंसलिंग से कुल 242 कॉलेजों को एक भी छात्र नहीं मिला है। जबकि 94 अन्य कॉलेज ऐसे हैं, जिनमें सिर्फ एक से तीन छात्रों ने ही सीट अलॉट कराई है।
प्रदेश के एमबीए कॉलेजों की गिरती गुणवत्ता और बढ़ती फीस के कारण छात्रों का रुझान दूसरे राज्यों या मास्टर कोर्स के अन्य विकल्पों पर है।
प्रदेश भर के 422 एमबीए कॉलेजों के लिए सिर्फ 2509 छात्रों ने ही सीट अलॉट कराई है। एमबीए के लिए हुई एसईई परीक्षा में सफल छात्रों में से 6000 से ज्यादा छात्रों ने काउंसलिंग में हिस्सा ही नहीं लिया। 35 कॉलेज ऐसे हैं, जहां चार से 10 छात्रों ने ही सीट पक्की की है।
वहीं प्रदेश भर के सिर्फ 21 कॉलेज ऐसे हैं, जिनमें 40 से ज्यादा सीटें अलॉट हुई हैं। सीट अलॉट कराने वाले ऐसे बहुत से छात्र हैं जो अपग्रेडेशन राउंड में जाएंगे।
यहां रिजर्व सीटें जनरल में बदले जाने से निचले कॉलेजों के छात्र ऊपर वाले संस्थानों में शिफ्ट हो जाएंगे, जिसके नतीजों के बाद 100 से ज्यादा अन्य कॉलेज जीरो पर सिमट जाएंगे।
नोएडा-ग्रेटर नोएडा के 21 कॉलेज छात्र विहीन
नोएडा और ग्रेटर नोएडा में संचालित 49 एमबीए कॉलेजों में से 21 जीरो पर आउट हो गए हैं, जबकि 15 कॉलेजों को एक से तीन छात्र ही मिले हैं।
जिले में एमबीए की 4000 से ज्यादा सीटों पर सिर्फ 376 छात्रों ने ही सीट अलॉट कराई है। यहां के सिर्फ 10 कॉलेजों में ही छात्रों की संख्या दहाई के आंकड़े को पार कर पाई है।