18 साल पहले एक धरना प्रदर्शन के दौरान सरकारी काम में बाधा पहुंचाने के विचाराधीन मुकदमे में हाजिर न होने पर अदालत ने उत्तर प्रदेश के जंतु उद्यान राज्यमंत्री डा. एसपी यादव व 6 अन्य के विरुद्ध गैर जमानती वारंट जारी किया है।
कोर्ट ने पुलिस को आदेश दिया है कि वह मंत्री व अन्य आरोपियों को आगामी 14 नवम्बर को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत करें।
विदित हो कि वर्ष 1995 में गैसड़ी क्षेत्र से विधायक रहने के दौरान डा. एसपी यादव ने बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं व सीएमएस द्वारा पैसा मांगे जाने के विरोध में मेमोरियल चिकित्सालय में समर्थकों के साथ धरना प्रदर्शन किया था।
तत्कालीन सीएमएस डा. एमके द्विवेदी ने डा. यादव व तत्कालीन गोण्डा जनपद के सपा जिला उपाध्यक्ष नफीस मेकरानी व पांच अन्य के विरुद्ध नगर कोतवाली बलरामपुर में सरकारी काम में बाधा पहुंचाने तथा अभद्रता करने का मुकदमा दर्ज कराया था जो अभी भी न्यायालय में विचाराधीन है।
आरोपियों के खिलाफ बार-बार वारंट जारी करने के बाद भी हाजिर न होने पर मंगलवार को सीजेएम नासिर अहमद ने डा. एसपी यादव, नफीस मेकरानी एवं पांच अन्य के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है।
सीजेएम ने नगर कोतवाली पुलिस को निर्देश दिया है कि वह आगामी 14 नवम्बर को सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करें।
'मेमोरियल चिकित्सालय के तत्कालीन सीएमएस डा. एमके द्विवेदी मरीज के इलाज के लिए पैसा मांग रहा था। इसी के विरोध में अस्पताल में धरना प्रदर्शन किया था। अपनी गलती छिपाने के लिए सीएमएस ने हम लोगों के खिलाफ चुपके से मुकदमा दर्ज कराया था। न्यायालय के आदेश का पालन किया जाएगा।'
डा. एसपी यादव, जंतु उद्यान राज्यमंत्री