उत्तर प्रदेश में बहराइच में वन विभाग की जमीन के एक हिस्से में कब्जा जमाए ग्रामीणों को एसएसबी ने खदेड़ दिया। इस दौरान ग्रामीण व पुलिस के बीच जमकर संघर्ष हुआ। दो हाथियों को अतिक्रमण क्षेत्र में दौड़ाकर जमीन खाली कराई गई।
ग्रामीणों ने भी जवानों पर पथराव और फायरिंग की, जिसमें एसएसबी के दो जवान समेत आठ पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। हमले में पुलिस व वन विभाग के छह वाहन भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। मामले में 15 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
कतर्निया घाट संरक्षित वन क्षेत्र के निशानगाड़ा रेंज में स्थित सेंट्रल स्टेट फार्म बगुलहिया की जमीन पर हक की मांग करते हुए मंगलवार सुबह पटहागौढ़ी गांव के लगभग 125 लोगों ने 150 बीघा जमीन पर झोपड़ी रखकर कब्जा कर लिया।
सूचना पाकर वन विभाग के अधिकारियों ने एसएसबी व सुजौली और मुर्तिहा कोतवाली पुलिस को बुलाया लेकिन ग्रामीण कब्जा छोड़ने के लिए तैयार नहीं थे। इस पर वन विभाग ने दो हाथियों को अतिक्रमण क्षेत्र में दौड़ाया। इस पर भगदड़ मच गई। अतिक्रमणकारी झोपड़ी छोड़कर भाग खड़े हुए।
इसके बाद एसएसबी व पुलिसकर्मियों ने भी ग्रामीणों को खदेड़ लिया, जिससे संघर्ष की स्थिति पैदा हो गई। ग्रामीणों ने पथराव करते हुए चार राउंड फायरिंग की। पथराव में एसएसबी पांचवीं वाहिनी के हेड कांस्टेबल पीजी चंद्र और कांस्टेबल विनोद कुमार जख्मी हो गए जबकि छह पुलिसकर्मी घायल हुए।
अपर पुलिस अधीक्षक विकास कुमार वैद्य ने बताया कि सेंट्रल स्टेट फार्म पर कब्जा करने वालों को चिह्नित कर स्टेट फार्म से सटे दुर्गागौढ़ी, पटहागौढ़ी, मोहाना, महाराजनगर और कठौतिया गांव में 2.00 बजे से निरंतर सर्च ऑपरेशन चल रहा है।
ग्रामीणों की अगुवाई कर रहे बुद्धी लाल और चौथी निषाद समेत 15 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार लोगों के साथ ही 150 अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।