पति अब्दुल हकीम के हत्यारों को सजा दिलाने के लिए संघर्ष को लेकर चर्चाओं में आई महविश रविवार को ससुराल को छोड़कर मायके चली गई। महविश ने ससुराल वालों पर दबाव बनाने का आरोप लगाया है। महविश के इस कदम से आहत उसके देवर शहनवाज और सास शकूरन ने खुदकुशी करने की कोशिश भी की।
रविवार को अढौली निवासी महविश के पिता शाहरुख, मां शबाना, भाई और ग्राम प्रधान दोपहर तीन बजे भांटगढ़ी स्थित महविश की ससुराल पहुंचे। उनका कहना था कि महविश ने उन्हें फोन करके उसे ले जाने के लिए बुलाया है।
इसका पता लगते ही हकीम के परिवार की महिलाओं ने महविश के कमरे का दरवाजा बंद कर दिया। महविश के मायके वाले दरवाजा तोड़कर उसे बाहर निकालने में कामयाब हो गए। गुस्साए ससुरालियों ने महविश के पिता शाहरुख के साथ मारपीट भी की।
महविश के ससुराल वालों का कहना था कि वह उसे जाने से नहीं रोकेंगे लेकिन बिना पुलिस की जानकारी के उसे नहीं ले जाने देंगे। मामले की जानकारी होने पर पुलिस पहुंची। पुलिस के सामने महविश ने कहा कि वह ससुराल वालों के दबाव में बयान देती रही है। अब वह पिता के साथ रहेगी।
देर शाम पुलिस की सुरक्षा में महविश मां-पिता के साथ मायके लौट गई। महविश के इस कदम से आहत देवर शहनवाज ने पंखे से लटककर और अब्दुल हकीम की मां शकूरन ने हाईवे पर वाहनों के आगे लेटकर जान देने की कोशिश की। पुलिस और परिजनों ने दोनों को बचाया।