बहुजन समाज पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव एवं सांसद सतीश चंद्र मिश्र ने शनिवार को यहां ब्राह्मण समाज को रिझाने की भरपूर कोशिश करते हुए भाजपा और नरेंद्र मोदी पर जमकर हमला बोला। कहा कि नरेंद्र मोदी ने जिस तरह ब्राह्मणों का टिकट काटकर उनका अपमान किया है, उसे ब्राह्मण समाज को याद रखना होगा।
कांग्रेस और सपा पर भी आक्रामक तेवर दिखाए। स्थानीय बनाम बाहरी के मुद्दे को उठाया और कहा कि पैराशूट से उतरकर बनारस आने वाले यहां कितने दिन रहेंगे, यह जनता को समझना होगा। राज ठाकरे और मोदी के इंटरव्यू का जिक्र करते हुए मुंबई में उत्तर भारतीयों के साथ दुर्व्यवहार के मसले पर भी भाजपा को घेरा।
ब्राहमणों को दिखाया बाहर का रास्ता
सिगरा स्थित नगर निगम प्रेक्षागृह में आयोजित बसपा कार्यकर्ता सम्मेलन को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित करते हुए सतीश चंद्र मिश्र ने कहा कि पूरे देश और मीडिया की निगाह वाराणसी संसदीय सीट पर है।
भाजपा इसे नया आयाम देकर मीडिया का भरपूर उपयोग कर रही है। भाजपा पर ब्राह्मण समाज के अपमान का आरोप लगाते हुए कहा कि मोदी ने गुजरात में मंत्री हरेंद्र पाठक को न केवल मंत्रिमंडल से बाहर का रास्ता दिखा दिया बल्कि उनका टिकट भी काट दिया।
यही काम बिहार में भाजपा नेता लालमुनि चौबे के साथ किया गया। मोदी यूपी में भी ब्राह्मणों को बाहर का रास्ता दिखाने से नहीं चूके। वाराणसी से सांसद डॉ. मुरली मनोहर जोशी को कानपुर भेज दिया। वहां से चुनाव की तैयारी में जुटे कलराज मिश्र को देवरिया की राह दिखा दी।
राजनाथ सिंह जिम्मेदार
इलाहाबाद से पंडित केशरी नाथ त्रिपाठी को टिकट देकर वापस ले लिया गया। ब्राह्मणों का इससे बड़ा अपमान और नहीं हो सकता।
इसके लिए राजनाथ सिंह को भी उन्होंने जिम्मेदार ठहराया। कहा कि ब्राह्मण समाज को मतदान के दिन बुद्धि-विवेक के साथ अपने मताधिकार का प्रयोग करना होगा।
अपने को देश का प्रधानमंत्री मान चुके भाजपा के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी को काशी ही नहीं पूर्वांचल की जनता करारा जवाब देगी।
अमेठी से क्यों नही लड़े मोदी चुनाव
वाराणसी से पार्टी प्रत्याशी विजय प्रकाश जायसवाल के समर्थन का आह्वान करते हुए स्थानीय बनाम बाहरी के मुद्दे को भी उठाया। कहा कि कुछ लोग हारने आए हैं तो कुछ जीतने की चाह लेकर यहां से भाग जाने की फिराक में हैं।
सवाल उठाया कि मोदी को चुनाव लड़ना था तो अमेठी से लड़ लेते क्यों कि वहां भी एक प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार मैदान में हैं। कहा कि गुजरात का विकास मॉडल गोधरा कांड और कुपोषण का बड़ा उदाहरण है।
सपा पर निशाना साधते हुए कहा कि दो साल में लूट, हत्या, बलात्कार की घटनाएं बढ़ती गईं और सपा मुखिया कहते हैं कि लड़के हैं गलती हो जाती है। प्रदेश में एक ओर दंगा फैला था, पीड़ित भोजन-पानी के लिए तरस रहे थे, दूसरी ओर सपा सैफई में महोत्सव मनाने में व्यस्त थी।
मोदी ने नहीं किया राज ठाकरे के बयान का विरोध
कांग्रेस पर भी उनके तेवर आक्रामक थे। कहा कि भ्रष्टाचार और महंगाई का जिक्र किया जाए तो पांच साल लग जाएंगे। उन्होंने नरेंद्र मोदी और राज ठाकरे के एक इंटरव्यू का जिक्र करते हुए कहा कि राज ठाकरे ने चैनल पर कहा कि मोदी प्रधानमंत्री बनेंगे तो यूपी और बिहार के लोगों को मुंबई से बाहर कर देंगे लेकिन बगल में बैठे मोदी ने इसका विरोध तक नहीं किया।
इससे अंदाजा लगा सकते हैं कि मोदी प्रधानमंत्री बने तो देश का क्या हश्र होगा। इससे पहले सभी विधानसभाओं से बड़ी संख्या में कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए प्रेक्षागृह पहुंचे। सम्मेलन में अनंत मिश्रा, कोआर्डिनेटर डॉ. रामकुमार कुरील, रमाकांत सिंह मिंटू, मेराज फारूकी, रिजवान आदि उपस्थित थे। संचालन जिलाध्यक्ष अनीस कुमार ने किया।