नैरोबी में आतंकवादियों की गोली से शहीद मासूम प्रम्सू का पार्थिव शरीर बुधवार शाम उसके पैत्रिक घर उत्तर प्रदेश के बाहुबलि नगर लाया गया। सीने पर गोली खाकर मां की जान बचाने वाले नन्हे सिपाही की एक झलक पाने को लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा।
सभी ने जनपद की माटी में जन्मे साहसी बालक को सलाम किया। बुधवार को प्रम्सू कापार्थिव लाए जाने की जानकारी मिलते ही नगरवासी बाहुबलि नगर स्थित जीवन लाल शास्त्री के घर के निकट एकत्रित होने शुरू हो गए।
प्रम्सू का पार्थिव शरीर नैरोबी से फ्लाइट में मुम्बई से भोपाल लाया गया। भोपाल से पिता मनोज जैन, मां मुक्ता एवं बहन पूर्वी दो एम्बुलेंस में ललितपुर की ओर रवाना हुए। पहली एम्बुलेंस में पिता, मां एवं बहन घर पहुंचे।
हमले में घायल पोती एवं बहू को देखकर जीवनलाल और उनकी पत्नी सुशीला फफक पड़ीं। शाम 6 बजकर 30 मिनट पर दूसरी एम्बुलेंस प्रम्सू का पार्थिव शरीर लेकर बाहुबलि नगर पहुंची। तब तक हजारों की संख्या में लोग एकत्रित हो चुके थे। जैसे ही ताबूत को खोला गया।
प्रम्सू की एक झलक पाने को लोगों में होड़ मच गई। ताबूत के अंदर चिर निंद्रा में लेटे मासूम को देखकर सभी की आंखें नम हो गईं। घर के आसपास स्थित मकानों की छतों पर महिलाएं, बच्चे और बुजुर्गों ने नन्हे सिपाही को सलाम किया।
कुछ देर बाद प्रम्सू की अंतिम यात्रा सुरईघाट स्थित मुक्तिधाम की ओर रवाना हुई, जिसमें हजारों की संख्या में नगरवासी सम्मिलित हुए।