आंचल मलिक बधाई कलां मुजफ्फरनगर, अमर उजाला प्रतियोगिता की दूसरी श्रेणी की विजेता।
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उपहार पाकर गद्गद हो गई विजेता आंचल मलिक
मुजफ्फरनगर। अमर उजाला के बदलाव अभियान की दूसरी श्रेणी की विजेता बधाई कलां की आंचल मलिक उपहार पाकर गद्गद हो गई। कामयाबी पाने के लिए उपहार में मिली ज्ञान के खजाने से भरी पुस्तक पाकर बोली..थैंक्स अमर उजाला... मेरे जीवन की कामयाबी में यह पुस्तक निश्चित सार्थक बनेगी। ग्रामीण परिवेश में पली-बढ़ी आंचल सिविल सेवा की तैयारी में जुटी है।
चरथावल विकास खंड क्षेत्र के बधाई कलां गांव आंचल का नाम विजेता सूची में आने के बाद से वह काफी उत्साहित नजर आई। पिता राजकुमार मलिक किसान हैं और माता पूनम गृहिणी हैं। उनकी आंखों में बेटी की कामयाबी को लेकर उम्मीदें है। कहती है करीब पांच सालों से उनके परिवार की पहली पसंद अमर उजाला अखबार है। यह सिर्फ समाचारों का माध्यम नहीं, बल्कि यूथ को कॅरियर में माकूल राह दिखाने में ज्ञानवर्द्धक सामग्री साझा करता है।
वर्ष 2017 में पीजी करने के बाद वह निरंतर सरकारी सेवा में नौकरी का प्रयास कर रही है। सात प्रतियोगी परीक्षाओं में वह कामयाबी के एक कदम दूर रह चुकी है, लेकिन कहती है कि एक दिन वह सफलता हासिल करेगी। समाज में जरूरतमंद बच्चों को उन्होंने कोरोना काल में नि:शुल्क ट्यूशन पढ़ाया। उनका सपना है कि गांव में रहकर सेल्फ स्टडी से एक दिन अवश्य बाजी उनके हाथों लगेगी। बड़ी बहन मानसी एमएफए कर चुकी है। छोटा भाई सागर ने इंटर की परीक्षा पास की है। कहती है समाचार पत्र में प्रतियोगिता में हिस्सा लेकर उनका मनोबल और आत्म विश्वास बढ़ा है। उन्हें भरोसा है देश-विदेश की विश्वसनीय खबरों के पढऩे से उनके जीवन को राह मिलेगी।