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Wildlife: मुजफ्फरनगर के घिस्सूखेड़ा गांव में 20 साल बाद दिखे सारस, इसलिए हैं खास  

Mon, 20 Dec 2021 03:49 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, मुजफ्फरनगर

सार

पक्षी विशेषज्ञ एवं शोध छात्र आशीष कुमार आर्य का दावा है कि घिस्सूखेड़ा, चौकड़ा और कुटेसरा की खेती की जमीन पर वह सर्वेक्षण के लिए पहुंचा तो गन्ने और सरसों के खेतों के आसपास सारस दिखाई दिए हैं।
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crane - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में खेती-किसानी से पहचान रखने वाला गांव घिस्सूखेड़ा इन दिनों गन्ने के खेतों में सारस के जोड़ों की चहलकदमी से चर्चाओं में हैं। किसान करीब दो दशक बाद अपने खेतों में घूमते सारस क्रेन को देखकर फूले नहीं समां रहे हैं। किसान कहते हैं कि सबको मिलकर जीवों की रक्षा करनी होगी, तभी प्रकृति बचेगी।

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घिस्सूखेड़ा के रहने वाले ग्राफिक एरा विश्वविद्यालय देहरादून के पक्षी विशेषज्ञ एवं शोध छात्र आशीष कुमार आर्य का दावा है कि  घिस्सूखेड़ा, चौकड़ा और कुटेसरा की खेती की जमीन पर पक्षी सर्वेक्षण कार्य किया। 

पिछले कुछ समय से किसानों को यहां सारस का जोड़ा देखने को मिल रहा था। वह भी सर्वेक्षण के लिए पहुंचा तो गन्ने और सरसों के खेतों के आसपास सारस दिखाई दिए हैं। यहां सारस क्रेन देखा जाना कौतूहल का विषय बना हुआ है। किसान उत्साहित है और कहते हैं कि पक्षियों की रक्षा लोगों को करनी होगी। करीब 20 साल बाद यहां सारस क्रेन देखे गए है।
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हम सबको बचाने होंगे अनमोल उपहार
- किसान आदेश कुमार त्यागी ने कहा कि पिछले कुछ समय से सारस दिख रहे हैं, यह क्षेत्र के लिए उत्साह बढ़ाने वाला है।
- किसान प्रत्येश शर्मा का कहना है कि सारस दिखाई दिए जाने से खुशी है। लोगों को पक्षियों की रक्षा करने के लिए आगे आना होगा।
- किसान सुभाष चंद त्यागी का कहना है कि लोगों को पक्षियों को बचाने की पहल करनी होगी। हमारे गांव के लिए यह गौरवान्वित करने वाली बात है।
-  ग्राफिक एरा विश्वविद्यालय देहरादून के पक्षी विशेषज्ञ एवं शोध छात्र आशीष कुमार आर्य का कहना है कि सारस क्रेन सबसे बड़ा उडऩे वाला पक्षी है।  यह प्रदेश का राजकीय पक्षी भी है। विलुप्त होते सारस क्रेन का इस तरह से विभिन्न प्रकार के आवासों में मिलना एक अच्छा संकेत है । 

मौके पर पहुंचकर टीम करेगी जांच
वन विभाग के रेंजर कुलदीप सिंह का कहना है कि जिले में मारकपुर वन ब्लॉक और पांचली में सारस हैं। घिस्सूखेड़ा क्षेत्र में अगर किसानों ने देखे हैं तो मौके पर टीम भेजकर जांच कराई जाएगी।

हैरानी भरा है खेतों में सारस मिलना 
सारस दलदली जमीन के एरिया में मिलते हैं। कीड़े खाते हैं। ऐसे में गन्ना क्षेत्र में इनका दिखाई देना हैरान कर देने वाला है। संभावना इनके हैबीटेट बदलने की भी है। वन विभाग इस बिंदु पर भी जांच कराएगा।
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