कस्बा व आसपास के देहातों में गेहूं की फसल पीला रतुआ की चपेट में आ गई है। अचानक आई बीमारी के कारण किसान बेहद परेशान है। किसानों का कहना है कि गेहूं की फसल को पीला रतुआ से बचाने के लिए कृषि विभाग का किसानों को सहयोग नही मिल रहा है।
कृषि रक्षा अधिकारी पवन कुमार विश्वकर्मा ने बताया कि बीमारी के लक्षण आठ दिन पहले गेहूं की पछेती फसल में दिखाई दिए थे। पीला रतुआ की बीमारी ने किसानों की गेहूं की फसल को अपनी चपेट में ले लिया है। किसानों का कहना है कि गेहूं की अगेती फसल में पीला रतुआ की बीमारी का अधिक असर नहीं है। कृषि रक्षा अधिकारी ने बताया कि गेहूं की फसल में इस बीमारी के आने पर पेबूकोना जोल व प्रोपीकोना जोल का स्प्रे करके इस बीमारी पर नियंत्रण किया जा सकता है।
सेवानिवृत्त अपर जिला कृषि अधिकारी रामनिवास सहरावत ने बताया कि अचानक आई इस बीमारी ने किसानों की गेहूं की फसल का बहुत नुकसान किया है। यह बीमारी गेहूं की पछेती फसल पर अधिक असर दिखा रही है। गांव फुगाना निवासी किसान चौ. मुकेश मलिक, भाकियू नेता अनुज बालियान आदि का कहना है कि इस वर्ष बेमौसम बरसात के कारण किसान अपनी गेहूं की बुआई पूरी नहीं कर सके।