मुजफ्फरनगर। विधानसभा चुनाव के नतीजे सबके सामने हैं। हर सीट पर वोट प्रतिशत अधिक मिलने के बावजूद भाजपा को चार सीट गंवानी पड़ी। मुजफ्फरनगर सदर और खतौली में ही भाजपा को जीत नसीब हुई। तीन विधानसभाओं में भाजपा के प्रत्याशियों ने एक लाख से अधिक वोट हासिल किए।
जिले की छह सीटों पर पिछले पांच साल की स्थिति देखें, तो भाजपा का वोट बैंक हर चुनाव में बढ़ा है। मतदाताओं की संख्या लगभग बराबरी पर रही है। जिले की सबसे बड़ी विधानसभा बुढ़ाना में भाजपा ने एक लाख वोट मिलने का आंकड़ा भी पार कर लिया।
2012 में भाजपा के उमेश मलिक को यहां करीब 16 हजार वोट मिले थे। मुजफ्फरनगर दंगे के बाद बुढ़ाना में हुए तीन चुनाव में भाजपा का वोट बैंक बढ़ा है, लेकिन इस बार रालोद के राजपाल बालियान के सामने भाजपा प्रत्याशी को हार का सामना करना पड़ा।
जाट-मुस्लिम समीकरण से सपा-रालोद गठबंधन की यहां पर जीत हुई। चरथावल, मीरापुर, खतौली, सदर और पुरकाजी में भी भाजपा के वोट बढ़े हैं। सबसे ज्यादा वोट इस बार मुजफ्फरनगर सदर सीट पर एक लाख 11 हजार 794 पड़े और यहां भाजपा की जीत हुई।
इनसेट
इस तरह हर सीट पर बढ़े भाजपा के वोट
सीट 2017 2022
बुढ़ाना 97781 102783
चरथावल 82046 92029
पुरकाजी 77491 86140
मुजफ्फरनगर 97838 111794
खतौली 94771 100651
मीरापुर 69035 80041
लोकसभा चुनाव में हुआ था बंपर मतदान
लोकसभा चुनाव में भाजपा के पक्ष में बंपर मतदान हुआ था। बुढ़ाना सीट पर एक लाख 16 हजार 295, चरथावल में एक लाख 942, मुजफ्फरनगर सदर सीट पर एक लाख 18 हजार 101 और खतौली सीट पर एक लाख 16 हजार 667 वोट भाजपा को मिले थे। मीरापुर और पुरकाजी सीट बिजनौर लोकसभा का हिस्सा है।