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दर्दनाक: बॉयलर फटने से दो मजदूरों की मौत, ग्रामीणों ने पुलिस पर लगाया गंभीर आरोप, ये है पूरा मामला

Thu, 30 Dec 2021 06:35 PM IST
कपिल kapil अमर उजाला ब्यूरो, मुजफ्फरनगर

सार

मुजफ्फरनगर जिले में बॉयलर फटने से दो मजदूरों की मौत हो गई। ग्रामीणों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाया है। इस घटना को लेकर ग्रामीणों में काफी आक्रोश है।
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फाइल फोटो। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में एक दर्दनाक घटना हुई। सिखेड़ा थाना क्षेत्र में निराना के जंगल में नाला के पास पुराने टायरों से तेल निकालने के चलाए जा रहे प्लांट में बॉयलर फटने से झुलसे दो मजदूरों की अस्पताल में मौत हो गई। वहीं पुलिस प्रकरण की जांच के बजाए मजदूरों और फैक्टरी संचालक के बीच हुए समझौता का कागज लिए बैठी रही। मृतक पुरबालियान गांव के रहने वाले थे। पुलिस के रवैये से ग्रामीणों के बीच नाराजगी है। 

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निराना के जंगल में गंदे नाले के पास काफी समय से पुराने टायरों से तेल निकालने का प्लांट चलाया जा रहा है। मंसूरपुर के गांव पुरबालियान निवासी 28 वर्षीय प्रदीप पुत्र महेंद्र व 24 वर्षीय मोनू पुत्र मांगा अन्य मजदूरों के साथ प्लांट में काम कर रहे थे। प्रदीप व मोनू शुक्रवार को बॉयलर के बोल्ट खोल रहे थे, इसी बीच बायलर में जोरदार धमाका हुआ और दोनों मजदूर बायलर से निकले मलबे की चपेट में आ गए। इससे दोनों की छाती का हिस्सा बुरी तरह झुलस गया। इस दौरान अन्य सभी मजदूर मौके पर पहुंचे। 

इसके बाद उन्होंने प्लांट मालिक को सूचना दी। मालिक ने मौके पर पहुंच कर मजदूरों की मदद से झुलसे मजदूरों को गंगदासपुर प्राइवेट डॉक्टर के यहां पहुंचाया, लेकिन हालत गंभीर देखकर डॉक्टर ने दोनों को हायर सेंटर ले जाने की सलाह दी। 
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दोनों को मेरठ सुभारती अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां मंगलवार को मोनू व बुधवार को प्रदीप की मौत हो गई। दोनों मजदूरों की मौत से परिजनों में रोष है। बताया गया कि गुरुवार को गणमान्य लोगों ने प्लांट मालिक से आर्थिक सहायता दिलाने का आश्वासन दिलाकर पीड़ित परिजनों से समझौता करा दिया। उधर, मजदूरों में हादसे के बाद से दहशत है।

पुलिस ने साधी थी चुप्पी
बताया गया कि हादसे की सूचना पुलिस को दे दी गई थी, लेकिन पुलिस ने चुप्पी साध ली थी। गुरुवार को थाना प्रभारी का कहना है कि पुलिस को इस बारे में थाना पुलिस को कोई जानकारी नहीं दी। डायल 112 को सूचना दी थी।

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प्रदूषण विभाग भी चुप
इस हादसे को लेकर प्रदूषण विभाग भी चुप है। जबकि यह प्लांट क्षेत्र में प्रदूषण फैला रहा है।
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