सीएमएस के बुलावे पर गए थे अस्पताल
सामाजिक कार्यकर्ता मनेश गुप्ता का कहना है कि भ्रष्टाचार के प्रकरण में अनुसूचित जाति की महिलाओं के साथ वह सीएमएस के बुलावे पर जिला अस्पताल गए थे। सीएमएस के कक्ष में प्रत्येक वर्ग के लिए बराबरी की बात की तो स्वास्थ्य कर्मचारी भड़क गए। उन्हें जबरदस्ती कक्ष से बाहर निकाला गया।
वीडियो वायरल, पुलिस की निंदा
पुलिस द्वारा सामाजिक कार्यकर्ता को गलत तरीके से उठाने और जीप में डालने के फोटो और वीडियो वायरल हुए हैं। लोगों ने पुलिस के व्यवहार की निंदा की।
यह भी पढ़ें: यूपी में ताबड़तोड़ हत्याएं: मंत्री और अफसरों के दावों की खुल रही पोल, हाईवे पर हो रहे दिनदहाड़े कत्ल, सबूत हैं ये तस्वीरें
जातिगत टिप्पणी पर जताई नाराजगी
सीएमएस डॉ. पंकज अग्रवाल का कहना है कि उनके कक्ष में बातचीत चल रही थी। इसी दौरान मनेश गुप्ता ने किसी महिला पर टिप्पणी की, जिस पर कर्मचारियों ने नाराजी जताई। किसी भी स्वास्थ्य कर्मचारी ने किसी का अपमान नहीं किया। अस्पताल में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की समस्या सुनी जाती है।